खबर पक्की :15 नवंबर रतलाम, रतलाम ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण डिंडोर रतलाम ग्रामीण के स्थानीय निवासी ना होकर धार जिले के रहने वाले हैं और राज्य सरकार की नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरे है। क्योंकि अफसरी छोड़कर राजनीति में आए है तो जनता उनसे मिलनसारिता और विनम्रता की उम्मीद करती है लेकिन अफसरी है कि उनका पीछा नहीं छोड़ रही है। जनता कार्यकर्ता और अन्य लोगों की बात तो छोड़िए जिले के वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी तक से वह बात नहीं करते यह बात खुद कांग्रेस पदाधिकारी ने खबर पक्की से चर्चा में बताई। मीडिया के लोगों के भी फोन नहीं उठाते जो आदमी चुनाव जीतने के पूर्व ऐसा व्यवहार कर रहा है तो आप सोच सकते हैं कि चुनाव जीतने के बाद वह क्या करेगा। सभी सर्वे बता रहा है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है लेकिन रतलाम ग्रामीण के कांग्रेस प्रत्याशी अपना आचरण और व्यवहार से जनता में और कार्यकर्ताओं में अपनी छवि बनाने में विफल रहे हैं। जनता में तो यह तक कहां जा रहा है कि यह बाहरी प्रत्याशी हम पर क्यों थोपा इससे तो पूर्व प्रत्याशी थावर भूरिया को ही वापस टिकट दे देते तो इस बार शत प्रतिशत सफल हो जाते क्योंकि साफ सुथरा ईमानदार मिलनसार पढ़े लिखे व्यक्ति की छवि है थावर भूरिया की और पूर्व में टांग टूट जाने से प्रचार नहीं कर पाए थे और हारने की वजह से इस बार सहानुभूति के कारण ही जीत जाते। जबकि लक्ष्मण डिंडोर सरकारी अफसरी के अहंकार से ही ऊपर नहीं आ पा रहे हैं और करण अति आत्मविश्वास में अपने आप को जीता हुआ मानकर चल रहे हैं इस कारण ना तो पार्टी फंड से आए हुए पैसे को कार्यकर्ताओं पर खर्च कर रहे हैं मंदिरों में भी जाते हैं तो भगवान को ₹10 चढ़ाते हैं इससे साथ में आए लोग काना फुसी करते हैं। ना ही इनके द्वारा मीडिया को ढंग से प्रबंध कर पा रहे हैं इस कारण कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजी है यही कारण है कि सर्वे में कांग्रेस की सरकार के बावजूद रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस के अवसर जाते दिख रहे हैं।

