कर्नाटक। भाजपा की सरकार बनाने की छटपटाहट को देखते हुए और कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों पर डोरे डालने की आशंका में अपने एकमात्र विधायक महेश को टूटने से बचाने के लिए मायावती ने अपने सांसद अशोक सिद्धार्थ को बेंगलुरु भेज दिया है और हिदायत दी है कि महेश को अपने साथ ही रखें। कर्नाटक के हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत के किनारे पर आकर फिसल गई और उसे 8 विधायक कम पड़ गए उधर कांग्रेस ने दांव चलते हुए जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देकर सरकार बनाने का ऑफर दे डाला। अब बीजेपी किसी भी कीमत पर सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और जेडीएस में तोडफ़ोड़ पर आमादा है। जेडीएस सुप्रीमो कुमार स्वामी ने आरोप लगाया कि बीजेपी उनके विधायकों को सो सो करोड़ और कैबिनेट मंत्री पद का लालच दे रही है यही सब देखते हुए मायावती ने एहतियात के लिए यह कदम उठाया है ताकि उसके एक मात्र विधायक को भाजपा तोड़ ना ले अब सब की नजरें गुजराती राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिकी हुई है कि वह क्या करते है यदुरप्पा को सरकार के लिए न्योता देते हैं या जेडीएस को बुलाते हैं।
