खबर पक्की :19 जून रतलाम, कॉलेज रोड से नाहरपुरा तरफ किया जा रहा डामरीकरण बहुत ही घटिया स्तर का किया जा रहा है सड़क के दोनों तरफ रोलर से या गिरमिट से दबाया भी नहीं जा रहा है बताया जा रहा है कि इस सड़क के लिए जो टेंडर हुए हैं उसकी शर्तों के अनुसार 125mm डामर होना है लेकिन मात्र 30 से 40 एमएम डामर किया जा रहा है जिसकी वजह से एक-दो बारिश में ही पूरे डामरीकरण का सत्यानाश होना तय है। यह भी समझ से परे है कि जब बारिश का मौसम शुरू हो रहा है तभी डामरीकरण क्यों किया जा रहा है क्योंकि दुनिया जानती है कि डामर और पानी का आपस में बैर है अगर डामरीकरण ही करना था तो काफी पहले कर दिया जाना था। जिससे कुछ समय तो लोगों को अच्छे सड़क की सुविधा मिल जाती लेकिन इन बारिश के समय डामरीकरण करना और फिर खराब सड़क का ठीकरा भारी बारिश पर उंडेल देना स्पष्टतया भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है।

