खबर पक्की, 18 जून, रतलाम। आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) आदिवासी छात्र संगठन, महाराणा पूजा भील जन कल्याण संगठन, जय आदिवासी युवा संगठन, वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था रतलाम एवं समस्त सामाजिक संगठन के संयुक्त तत्वाधान में विश्रांति गृह (भील धर्मशाला) में आदिवासी समाज की सामाजिक बैठक संपन्न हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। आदिवासियों की ऐतिहासिक भील विश्रांति गृह (भील धर्मशाला) जिस स्थान पर बनी हुई है वहीं यथावत रहे अन्य स्थान पर विस्थापित नहीं किया जावेगा। भील विश्रांति ग्रह भील धर्मशाला आदिवासी सामाजिक दर और बचाने के लिए न्यायालय हाई कोर्ट इंदौर में अपील करने का निर्णय लिया गया। मालिकाना हक को लेकर केस शुरू करना तथा नहीं समिति का गठन किया गया। न्यायालय में सभी सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में हाई कोर्ट इंदौर में अपील की जावेगी। तथा भील विश्रांति गृह (भील धर्मशाला) का कब्जा नहीं छोड़ेंगे। भीम विश्रांति गृह (भील धर्मशाला) आदिवासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर को खत्म नहीं होने देंगे। आगामी इसके जन आंदोलन किया जावेगा। आदिवासी समाज की सामाजिक धरोहर भील विश्रांति गृह ( भील धर्मशाला) विकास एवं उत्थान के लिए एक ट्रस्ट निर्माण किया जावेगा।
इस अवसर पर दयाराम खराड़ी (पूर्व विधायक पति) मथुरालाल डामर (पूर्व विधायक रतलाम ग्रामीण) शरद डोडियार (जिला पंचायत सदस्य रतलाम)कमलेश्वर डोडियार, ईश्वरभाभर, थावरलाल भूरिया (पूर्व जिला पंचायत सदस्य रतलाम) जितेंद्र गामड़, देवीलाल अमलियार, किशन सिंगार, दशरथ भावर, नितेश गामड़, नवीन डामोर, योगेश डामर, राहुल डामर, छोटू भाभर ( सरपंच), कालू बरोड़, कैलाश देवड़ा, तुलसीराम डिंडोर, श्याम मईडा, भेरूलाल बाबर, प्रदीप खदेड़ा, भेरूलाल खदेड़ा, धर्मू मचार, किशोर बारिया, यस बारिया, कालू परमार, दिनेश माल, मान सिंह डामोर, सांवरिया निनामा, गोपाल चंद्र निनामा, रामचंद्र किहोरी, सुनील डामर, सुरेश डांगी, आसाराम गरवाल, भूरालाल , शिवराज वसुनिया, राहुल मुनिया, धर्मेंद्र डामोर, रमेश भाबर, शंकर गामड़, मुकेश वसुनिया, धूल जी निनामा ,दिनेश निनामा, राजेंद्र चौहान, कैलाश देवड़ा, सुशील कुमार टीटोरिया, संजयगरवाल, गोपाल निनामा, मनोज डामर, अजय बाबर, वीनू गामड़ शिवम सिंगार, मनीष निनामा, समाजसेवी सूरत लाल डामर आदि बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।

