रतलाम। पुलिस अधीक्षक रतलाम श्रीमती सिंह द्वारा कुख्यात गुण्डों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत नवदीप पिता अमरसिंह कुशवाह उम्र 25 साल निवासी सज्जन मील की चाल रतलाम आदतन अपराधी हैं। जिसके विरुद्ध मारपीट, लुट, अवैध हथियार, धमकी के कुल 14 अपराध पंजीबद्ध होकर हत्या के मामले में सजायाब है, किन्तु इसके उपरान्त भी इसके द्वारा जमानत पर रिहा होने पर क्षेत्र में लगातार अपराध घटित किये जा रहे थे। इसकी आपराधिक गतिविधि पर नियंत्रण करने हेतु पूर्व में दो बार रा.सु.का. के तहत गिरफ्तार कर निरोध में रखा गया था, किन्तु इसके उपरान्त भी इसके द्वारा मारपीट के अपराध घटित किये। आदतन अपराधी होने से इसके विरुद्ध धारा 110 जा.फो. के तहत कार्यवाही की गई। अनुविभागीय दण्डाधिकारी रतलाम के द्वारा 10 हजार रुपये की राशि एवं एक वर्ष तक शांति भंग न करने बाबत बंध पत्र (अंतिम बाउण्ड ओवर) निष्पादित किया गया। इसके पश्चात भी बदमाश द्वारा तीन अपराध लगातार घटित किये गये। 1 अप्रैल 18 हनुमान जयंती के दिन फरियादी दिपेश पिता रमेशचंद्र चौहान निवासी राजीव नगर रतलाम पर प्राणघातक हमला किया गया। बदमाश द्वारा सदाचरण की प्रतिभुति का उल्लंघन किये जाने से इसके विरुद्ध धारा 122 जा.फो. के तहत पुन: माननीय अनुविभागीय दण्डाधिकारी रतलाम के न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया गया। थाना प्रभारी राजेशसिंह चौहान थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम के द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने पर माननीय न्यायालय द्वारा अपराधी की आपराधिक गतिविधियों पर आदेश पारित करते हुये 10 हजार रुपये की राशि राजसात करने एवं एक वर्ष तक परिशांति कायम न रखने के कारण अंतिम बाउण्ड ओवर की शेष अवधि पाँच माह के लिये जेल में निरुद्ध करने का आदेश पारित किया गया। कुख्यात बदमाश नवदीप सिंह को जेल में रखा जायेगा।
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित सिंह के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय तथा नगर पुलिस अधीक्षक विवेकसिंह चौहान के मार्गदर्शन में रतलाम के सभी गुण्डो एवं आदतन अपराधीयों के विरुद्ध फाईनल बाउण्ड ओवर की कार्यवाही की जा रही है। यदि इनके द्वारा इसका उल्लंघन कर शांति भंग कर अपराध घटित किया जाता है तो ऐसे अपराधीयों को एक वर्ष तक जेल में निरुद्ध करने की कार्यवाही की जायेगी। कुख्यात गुण्डे के विरुद्ध उपरोक्त कार्यवाही को निरीक्षक राजेश सिंह चौहान थाना प्रभारी थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम एवं प्र.आऱ.239 प्रदीप शर्मा द्वारा सम्पादित किया गया।
गुण्डे के द्वारा सदाचरण के बांड का उल्लंघन करने पर 5 माह का कारावास एवं 10 हजार रुपये राजसात
