खबर पक्की : 22 मार्च रतलाम, प्रशासन द्वारा हमारे साथ भू माफिया जैसा व्यवहार किया गया और कमिश्नर कोर्ट से स्टे होने के बावजूद ईसाई समुदाय को उसके कब्जे के मिशन कंपाउंड से बेदखल करने की कोशिश की गई प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ 10 फरवरी को हाई कोर्ट ने स्टे दिया है उक्त आरोप लगाते हुए यह जानकारी चर्च ऑफ इंडिया के ट्रस्टी अनिल Samuel द्वारा एक पत्रकार वार्ता में दी गई। होटल स्वीट एवेन्यू में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल में 1887 में यह जमीन ब्रिटिश शासन द्वारा हमें दी गई थी। 1912 13 के खसरे से हमारा नाम सरकार दौलत मदार ईसाई मिशन के नाम पर दर्ज है और बरसों से उक्त जगह पर अस्पताल संचालित किया जा रहा था उन्होंने बताया कि स्कूल अस्पताल अनाथ आश्रम जैसी सेवाएं हमारी संस्था संचालित करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा भेदभाव पूर्वक और गैर कानूनी कार्रवाई करते हुए बगैर किसी सूचना के हमारे परिसर में तोड़फोड़ कर कब्जे की कार्रवाई की गई। और प्रशासन के इस कार्रवाई के खिलाफ 20 फरवरी को हाईकोर्ट ने हमें स्टे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जनमानस में हमारे समुदाय व संस्था की छवि खराब करते हुए उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। उक्त संपत्ति चर्च आफ इंडिया की है और इसके लिए हम हमारे कानूनी हक का इस्तेमाल करते हुए अंत तक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार में प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पूरी कार्रवाई प्रशासन द्वारा मौखिक आधार पर की गई है क्योंकि नगर निगम एसडीएम से सूचना के अधिकार में जानकारी दी गई है इस प्रकार की कोई कार्रवाई यह आदेश कि हमारे पास कोई नस्ती या प्रोसिडिंग नहीं है। इससे ऐसा लगता है कि सारी कार्रवाई जबानी जमा खर्च में की गई है जो कि कानून की नजर में बहुत गंभीर विषय है।
