खबर पक्की : 5 मार्च रतलाम, निगम में सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ पार्षद जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोत्र का उपयोग करते हैं और पूर्व में 2 चुनाव हार चुके और एक बार एल्डरमैन रह चुके हैं के द्वारा एक महिला पार्षद कसेरा के वार्ड में अपने ही जाती बंधु पवन गोरेचा के निर्माण कार्य पर टेढ़ी नजर डालते हुए निगम इंजीनियर को भेजा और अनुमति के विपरीत निर्माण का नोटिस भेजकर 50,000 वसूल लिया 20,000 अफसर ने रखें और 30,000 पार्षद महोदय ने। महिला पार्षद को जब यह बात पता चली कि उनके नाम पर उनके ही वार्ड से उक्त पैसे की वसूली हुई है तो उन्होंने अपने पति से चर्चा की और दोनों महापौर के पास पहुंचे लेकिन वहां से कोई संतुष्टि नहीं मिलने पर अंततः नगर विधायक के दफ्तर पहुंचकर सारी बात बताई नगर विधायक ने उक्त पार्षद को तलब कर पार्षद द्वारा प्राप्त की गई 30000 की राशि वापस दिलवाई लेकिन 20000 जो इंजीनियर ने लिए उसका क्या हुआ किसी को नहीं पता। भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का दावा करने वाले सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा अपने पार्षद और इंजीनियर पर कार्यवाही नहीं करना और मामले में लीपापोती करना यह साबित करता है कि जो मामला पकड़ में आ गया तो ठीक नहीं तो ऐसा ही चलता रहेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि उक्त गांधी को जिताने के लिए पूर्व विधायक हिम्मत कोठारी ने भी काफी मेहनत की थी और उन्हीं के परिचित से उक्त राशि की वसूली की गई।
