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रावटी में गौमाता की अंतिम यात्रा बैंड बाजे से निकली, स्नेह के डोर से बंधी गाय का लंबी बिमारी से निधन हुआ तो चका सेठ परिवार ने बहाएं आंसू, समाधि स्थल पर गाय बछड़े की प्रतिमा भी लगेगी

BySurendra Jain

Mar 5, 2023

खबर पक्की, 5 मार्च, रतलाम। जिले के रावटी में गौमाता के प्रति लगाव का दृश्य जिसने देखा वह चत्तर परिवार के गौमाता प्रेम की चर्चा करने लग गया। सम्भवत: रतलाम जिले का यह पहला एव बिरला उदाहरण है कि गाय के निधन के बाद उसकी अंतिम क्रिया गाजे बाजे से हुई जिसमे सभी गौ प्रेमी शरीक भी हुए। गौमाता के प्रति यह स्नेह सबके लिए अनुकरणीय बन गया।
आपको बता दे कि रावटी के श्रेणिक चत्तर (चका सेठ) की गाय विगत डेढ़ साल से बीमार थी। जिसके इलाज के लिए भी परिवार के सदस्यों ने भी घर के सदस्य की तरह देखभाल की ।
लेकिन जब लंबी बीमारी के बाद गाय का निधन हुआ तो पूरे परिवार में शोक पसर गया । परिजनों एवं गौप्रेमी को सूचना देने के लिए बकायदा व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया जिसमें अंतिम यात्रा का समय भी उल्लेखित किया गया।
गाय बछड़े की प्रतिमा लगेगी
शोक की इस घड़ी में विधि विधान से अंतिम क्रिया की रस्मे की गई गौ माता को स्नान करवाकर सजी हुई ट्रेक्टर ट्राली मे बैंड बाजे अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में रास्ते भर गौप्रेमियो ने पुष्पहार अर्पित कर बिदाई दी। मुख्य मार्ग से होती हुई गौमाता की अंतिम यात्रा तेजाजी मंदिर पर पहुँची। यहा मन्दिर के सामने समाधि दी गई। इसके साथ ही यह निर्णय लिया गया कि यहा पर मंदिर बनाकर गाय बछड़े की मूर्ति की स्थापना कि जाएगी।
बेटी दामाद को भी बुलाया
अपनी स्नेही गौमाता की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए पूरा चत्तर परिवार उपस्थित रहा । परिवार के मुखिया श्रेणिक चत्तर( चका सेठ) पत्नी उषा चतर,आशीष चतर, अंजलि चत्तर, पंकज चत्तर, कृतिका चत्तर,परिवार में पौत्र वर्धमान, आशीष, महावीर , पंकज के साथ पुत्री चेतना शुशील मांडोत सैलाना, बिंदु रितेश लोढ़ा रतलाम ने भी घर की लाडली गाय को नम आंखों से विदाई दी । इस मौके पर हिंदू जागरण मंच ,विश्व हिंदू परिषद,तेजाजी युवा संगठन,क्षेत्रीय भजन मंडलियों के सदस्य सहित गांव के गौ प्रेमी आदि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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