खबर पक्की :1 जनवरी 2023 रतलाम/ यू तो 2022 रतलाम वालों के लिए कई खट्टे मीठे अनुभव और यादें छोड़ गया है। इस वर्ष 2 समाजसेवी हर्ष दशौत्त्ऱ और महेंद्र गादिया हमारे बीच नहीं रहे। निकाय चुनाव में भाजपा को जबरदस्त मशक्कत करना पड़ी और खुद विधायक चैतन्य कश्यप को मैदान में उतर कर सारा शहर नापना पड़ा तब कहीं जाकर भाजपा को सफलता मिली। निकाय चुनाव तो भाजपा ने जैसे-तैसे जीत लिया लेकिन संगठन के फूट फजीता पर जल्दी कंट्रोल नहीं किया गया तो इसका खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। संगठन के फुट फजीता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि कांग्रेस से भाजपा में आया और भाजपा की कृपा से मंत्री बना एक आदमी भाजपा संगठन के जिला महामंत्री को कोर कमेटी से उठकर जाने के लिए कह देता है और सारी कोर कमेटी सारे जनप्रतिनिधि बजाए मंत्री से महामंत्री के आरोपों पर जवाब तलब करने के भाजपा के जिला महामंत्री को बैठक से उठकर जाते देखते रहे। और यह बात भाजपा संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को नश्तर की तरह चुभ रही है के कल को पार्टी में आए एक कांग्रेसी मंत्री की इतनी हिम्मत कि वह संगठन के जिला महामंत्री को जिसने खुद ही बैठक का आयोजन किया था को बेइज्जत कर बैठक से बाहर निकल जाने के लिए कह देता है और संगठन का एक पदाधिकारी एक जनप्रतिनिधि अपने महामंत्री की इज्जत नहीं बचा पाता है। इससे पता चलता है कि एक सशक्त भाजपा संगठन के क्या हाल हो रहा है अगर यही हाल रहा तो हिमाचल चुनाव की तरह मध्यप्रदेश में भी भाजपा को खामियाजा उठाना पड़ेगा इस पर भाजपा जितनी जल्दी मंथन कर ले उसके लिए अच्छा होगा।
