खबर पक्की : 19 नवंबर रतलाम, इंदौर को बम धमाकों से दहला देने और राहुल गांधी और कमलनाथ को गोली से उड़ा देने की गुरुवार को इंदौर में गुजरात स्वीट्स के पते पर आई चिट्ठी ने पूरे देश में तहलका मचा रखा है। इस चिट्ठी ने रतलाम और रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप को पूरे देश में गलत संदर्भ में चर्चा में ला दिया। क्योंकि चिट्ठी भेजने वाले ने प्रेषक के स्थान पर रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप का नाम लिखा है। इंदौर और रतलाम के पुलिस सूत्रों ने बताया है कि उक्त धमकी भरी चिट्ठी उज्जैन से इंदौर के पते पर डाली गई थी और उसमें पिन कोड भी उज्जैन का ही लिखा हुआ है अभी तक इसमें रतलाम का कोई कनेक्शन साबित नहीं हुआ है सिर्फ प्रेक्षक के रूप में विधायक चैतन्य कश्यप के नाम के अलावा। विधायक चैतन्य कश्यप भी आज मुंबई से रतलाम लौट आए हैं। उन्होंने भी चर्चा में बताया कि उन्होंने इंदौर पुलिस कमिश्नर और रतलाम एसपी से इस मामले में गहरी तहकीकात करने का अनुरोध किया है और चिट्ठी के असली गुनहगारों को सामने लाने की मांग की है। चिट्ठी में लिखी इबारत से साफ पता चलता है कि रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप को फंसाने और उलझाने के लिए इसमें 1984 के दंगों का भी उल्लेख किया गया है। चैतन्य कश्यप को जानने वाले और उनके घोर से घोर विरोधी भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं के वो कभी भी इस तरह की हल्की और बचकानी हरकत सपने में भी सोच और कर नहीं सकते। और इस हरकत के लिए भारतीय जनता पार्टी में ही उनके बढ़ते कद से परेशान उन्ही के किसी विरोधी का काम हो सकता है। क्योंकि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मिल रही अपार सफलता और उनके मध्यप्रदेश प्रवेश को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में निकाय चुनाव के बाद अपने व्यक्तिगत दम पर रतलाम महापौर को जिता लाने वाले भाजपा के कद्दावर नेता के रूप में उभर रहे चैतन्य कश्यप को डाउन करने के लिए उनके विरोधी ने यह अच्छा मौका समझ अपनी चाल तो चल दी लेकिन वह यह भूल गया के भारत जोड़ो यात्रा और राहुल गांधी को धमकी देने से मामला इतना हाई प्रोफाइल बन जाएगा कि उसकी लाख होशियारी के बावजूद कानून के हाथ उसके गले तक पहुंच सकते हैं। क्योंकि मामला बहुत ज्यादा हाईप्रोफाइल हो गया है इसलिए पुलिस और एजेंसियों को इसकी बहुत बारीकी से जांच करना पड़ रही है और पुलिस हर एंगल और हर संभावित संभावनाओं को तलाशते हुए आगे बढ़ रही है चुकी प्रेक्षक के रूप में चैतन्य कश्यप का नाम आ गया है इसलिए उनके सारे विरोधी भी शक और सर्विलांस के दायरे में आ गए हैं। और उम्मीद है कि बहुत जल्द कानून के लंबे हाथ चिट्ठी भेजने वाले को बेनकाब कर देंगे और आग से खेलने वाला खुद अपनी ही लगाई आग में झुलस जाएगा।

