खबर पक्की : 31 अक्टूबर रतलाम, 2020-21 वैसे ही करोना कॉल और लॉकडाउन के कारण शिक्षको बच्चों के लिए बहुत भारी साबित हुआ। 2022 में जैसे तैसे शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट रही है, पटरी पर आ रही शिक्षा व्यवस्था को वापस शासन बेपटरी करने जा रहा है। 1 जुलाई से शिक्षा सत्र की शुरुआत होने के बाद बच्चों और शिक्षकों में समन्वय के साथ आधे से ज्यादा कोर्स हो चुका है और बच्चे अब वार्षिक परीक्षा की तैयारियों में लग गए हैं ऐसे में आधे से ज्यादा सत्र गुजरने के बाद शिक्षकों के तबादले बच्चों के परीक्षा परिणामों को प्रभावित करेंगे शासन और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए ताकि बच्चों का परीक्षा परिणाम प्रभावित ना हो। क्योंकि सत्र के दौरान बच्चों और शिक्षकों का आपसी समन्वय बिगड़ेगा और नया शिक्षक शिक्षक नई जगह जाकर बच्चों को समझने में और कोर्स पूरा करने में समय लेगा इससे बच्चों का रिजल्ट प्रभावित होगा। शिक्षकों के ट्रांसफर शिक्षा सत्र के दौरान ना किए जा कर छुट्टियों की अवधि में किया जाना चाहिए इससे बच्चों और शिक्षकों दोनों की बेहतरी संभव है। अगर इस बात को दरकिनार कर शिक्षा के सत्र के दौरान तबादले किए जाते हैं तो दोनों ही पक्षों का नुकसान होगा।

