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चौबे जी छब्बे जी बनने चले दुबे जी बनकर लौटे। मेरा वचन ही मेरा शासन है की तर्ज पर महापौर ने गर्भ ग्रह खुलवाया, प्रशासन ने फिर बंद कराया।

BySurendra Jain

Oct 3, 2022

खबर पक्की : 3 अक्टूबर रतलाम, मोनिका ओ माय डार्लिंग जैसे गीतों का उत्तेजक वेशभूषा में मां कालिका के मंच से प्रदर्शन पर महापौर पटेल द्वारा माफी मांगने की खबरों की स्याही सुखी भी नहीं थी। की आज फिर उनको मां कालिका माता मंदिर की व्यवस्था में अनावश्यक हस्तक्षेप को लेकर बैकफुट पर आना पड़ा। हुआ यूं कि प्रहलाद पटेल द्वारा अपनी महापौर गिरी दिखाते हुए मां कालिका के मंदिर की गर्भ ग्रह में सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा नवरात्रि त्यौहार में भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से प्रवेश को वर्जित करने के आदेश के खिलाफ पुजारियों को जनता के लिए गर्भ ग्रह खोलने के लिए आदेशित किया जब पुजारियों ने और व्यवस्था देखने वाले राजा मोतियानी ने उन्हें कहा कि व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी तो महापौर ने कहा कि कौन बोलता है 15 जवान मैं तुम्हें दूंगा व्यवस्था के लिए और इस प्रकार दबाव डालकर गर्भ ग्रह को खुलवा दिया। शासकीय मंदिर में जिस के व्यवस्थापक कलेक्टर है को जिला प्रशासन द्वारा महापौर का बगैर उनसे राय मशवरा किए यह हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं हुआ। फल स्वरुप जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा दोपहर में गर्भ ग्रह में प्रवेश को पुनः वर्जित कर दिया गया। इस पूरे वाक्य को हिंदी के इस मुहावरे से समझा जा सकता है कि चौबे जी छब्बे जी बनने चले थे दुबे जी बनकर लौटे।

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