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रतलाम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को देखते हुए कोरोना काल के बाद छात्रों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण होना चाहिए

BySurendra Jain

Jul 30, 2022
खबर पक्की : 30 जुलाई रतलाम, रतलाम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों को मारपीट कर रैगिंग ले जाने की खबरें है। बीच-बचाव करने गये वार्डन के ऊपर भी छात्रों द्वारा हमला किया गया। इस पूरे प्रकरण से मेडिकल कॉलेज के प्रशासन और जिला प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मेडिकल कॉलेज की छवि धूमिल हो रही है। कोरोना कॉल के बाद छात्रों का व्यवहार हिंसक होता जा रहा है। अभी थोड़े दिन पहले शिव शक्ति लाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज में एक छात्र द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के बाद जिस तरह छात्रों द्वारा चक्का जाम किया गया और कॉलेज के स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया गया उससे स्टाफ फैकल्टी के कई सारे लोग नौकरी से इस्तीफा देकर चले गए। अगर प्रशासन इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर सही तरीके से हैंडल करता तो यह स्थिति कदापि नहीं बनती। रतलाम मेडिकल कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और मेडिकल कॉलेज सहित तमाम कालेजों के स्टूडेंट्स मैं हो रहे हिंसक व्यवहार के परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किसी मनोवैज्ञानिक से इस परिवर्तन का विश्लेषण करवाना चाहिए। नहीं तो किसी भी कॉलेज में किसी दिन कोई बड़ी घटना घट जाएगी।

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