खबर पक्की : 20 जुलाई रतलाम, मतगणना का काम कला व विज्ञान महाविद्यालय में शुरू हो चुका है कुछ ही घंटों में परिणाम आपके सामने होंगे। पुलिस और प्रशासन के लोगों की माने तो प्रह्लाद पटेल जीत रहा है, और यह सही भी हो सकता है क्योंकि जहां निकट का मुकाबला होता है वहां पर सत्तारूढ़ दल के लिए प्रशासन निर्णायक साबित होता है। सट्टा बाजार का भी यही अनुमान है। सीआईडी रिपोर्ट कहती है कि कांटे की टक्कर है और ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। लेकिन जनता से मिले रुझानों में मयंक जाट आगे है। परिणाम चाहे जो हो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के टिकट के लिए महापौर चुनाव मैराथन साबित होंगे। क्योंकि कांग्रेस की सरकार बनने के समय विपरीत परिस्थितियों में 40000 वोटों से जीतने वाले विधायक चैतन्य कश्यप अपनी सरकार आने के बाद अकेले जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी यदि महापौर का चुनाव सम्मानजनक अंतर से नहीं जीता पाते हैं तो पार्टी में उनके विरोधी सक्रिय हो जाएंगे। प्रदर्शन के आधार पर भाजपा संगठन में स्थानीय स्तर पर बड़ा फेरबदल हो सकता है। इसी प्रकार प्रदर्शन के आधार पर यह तय होगा कि कांग्रेस संगठन में मयंक जाट की स्थिति कितनी मजबूत होती है और कांग्रेस को धोखा देने वालों पर कांग्रेस क्या कार्यवाही करती है।

