खबर पक्की : 3 जून रतलाम, नगर पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान के बारे में जनता की आम शिकायत है कि उनका व्यवहार आम लोगों के प्रति बहुत ही असहिष्णु है और वह किसी से भी सीधे मुंह बात नहीं करते हैं। किंतु आज इसका प्रत्यक्ष अनुभव पत्रकारों को भी हो गया पत्रकार साजिद खान की पिटाई को लेकर दर्ज रिपोर्ट और फिर उसी के खिलाफ काउंटर f.i.r. में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सीएसपी हेमंत चौहान को जब पता चला कि उनके इस कार्रवाई के खिलाफ रतलाम प्रेस क्लब द्वारा एक ज्ञापन कलेक्टर को दिया जाने वाला है तो उन्होंने रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश गोस्वामी को फोन लगाकर यह कहा कि चुनाव के कारण आचार संहिता लगी हुई है और अगर आप लोग ज्ञापन देने जाओगे तो आप के खिलाफ f.i.r. हो सकती है। यह खुद रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश गोस्वामी ने सभी सदस्यों के सामने कहा जबकि उसी दरमियान भाजपा का अनुषंगी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्ञापन दे रहा था वह भी बगैर अनुमति के लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पत्रकार संघ के अध्यक्ष को सीधे-सीधे एफ आई आर के लिए धमकाने की इनके कारगुजारी से स्पष्ट है कि इन पुलिस अधिकारी की मानसिकता दमनकारी है जब पत्रकारों के साथ यह व्यवहार है तो आम लोगों के साथ इनका व्यवहार कैसा होगा कल्पना की जा सकती है । रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी को इनके व्यवहार मैं सुधार के लिए कुछ उपाय करना चाहिए। नहीं तो यह किसी भी दिन पुलिस डिपार्टमेंट के लिए कोई बड़ी समस्या खड़ी कर देंगे।
