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कूट रचित पावती के आधार पर संपादित रजिस्ट्री, पावती के दूषित साबित होने पर रद्द हो सकती है: मामला शासकीय फैक्ट्री का

BySurendra Jain

Feb 17, 2022

खबर पक्की : 17 फरवरी रतलाम, आइस फैक्ट्री के शासकीय पट्टेदार प्रेम नाथ पुरी के निधन के पश्चात शासकीय पट्टेदार के रूप में उनके बेटे जोगेंद्रनाथ पुरी का नाम कृषक पावती में शासकीय पट्टेदार के रूप में चढ़ाया गया उक्त पावती 1970, 71 में बनी थी। इसी पावती में कारस्तानी और कूट रचना करके बड़ी सफाई से शासकीय पट्टेदार पर किए गए टीक को सफाई से हटा कर भूमि स्वामी पर राइट का निशान लगाकर टीक किया गया। उसके बावजूद शासकीय खसरा रिकॉर्ड में उक्त जोगेंद्रनाथ पूरी बरसों बरस शासकीय पट्टेदार के रूप में ही दर्ज रहा। नगर सुधार न्यास के अफसरों की मिलीभगत से शास्त्री नगर योजना की स्थापना के समय शासकीय पट्टेदार होते हुए भी। उक्त जोगेंद्रनाथ पूरी द्वारा शासकीय भूमि अधिग्रहण का मुआवजा का अवार्ड अपने नाम पारित करवाकर अपने आप को भूमि स्वामी बनाने का खेल वहीं से शुरू कर दिया था। अधिग्रहण की कार्रवाई के लिए तत्कालीन नगर सुधार न्यास के अफसरों द्वारा उक्त पट्टेदार की मिलीभगत से जो पत्र तहसीलदार को जारी किया उसके भाषा में भी उसे शासकीय पट्टेदार न बताते हुए यह लिखा गया कि यह कब से भूमिस्वामी है या पटटेदार है जानकारी मांगी गई जिसके जवाब में रही सही कसर तहसीलदार इस आशय का पत्र जारी कर पूरी कर दी के उक्त शासकीय पट्टे या पट्टेदार का रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध नहीं है जबकि उनका खसरा चेक चेक करें बता रहा था कि उक्त जमीन शासकीय पट्टे दार के रूप में दर्ज है तो पट्टे की खोज करवाने के बजाय या पट्टेधारी से पट्टे की कॉपी मांगने के बजाय पटटेदार को भूमि स्वामी बनाने की मदद करने के उद्देश्य से उक्त पत्र को सरसरी तौर पर नगर सुधार न्यास को लिखा गया। जिससे आगे चलकर उक्त शासकीय पत्रों के के रिकॉर्ड को ही शासन के खिलाफ इस्तेमाल करके भूमि स्वामी बना जा सके। आइस फैक्ट्री के इस रहस्यमई स्टोरी के कई पेच है जिस पर एक पूरा उपन्यास लिखा जा सकता । बहर हाल 50 978 नंबर की उक्त कृषक पावती मैं कूटरचना कर शासकीय पट्टेदार से भूमिस्वामी दर्ज कर दूषित पावती के आधार पर ही उक्त रजिस्ट्री को संपादित किया गया है और संपूर्ण जांच उपरांत उक्त पावती कूट रचित या दूषित साबित हो जाती है तो प्रदूषित पावती के आधार पर की गई सभी रजिस्ट्रीया भी दूषित मानी जाएगी। और ऐसे में यदि खरीदार उक्त आइस फैक्ट्री में कुछ भूखंड खरीदा है तो उसके गाड़ी कमाई हमेशा के लिए खटाई में पड़ जाएगी। अगले खबर में पट्टे की कॉपी और पट्टे का विवरण प्रकाशित किया जाएगा।

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