• Mon. Oct 5th, 2026

जब अहमदाबाद में रोकी गई रतलाम की महिला मरीज को पूर्व कलेक्टर दीप्ति गौड़ मुखर्जी की सहायता से छुट्टी मिली

BySurendra Jain

Feb 12, 2022

खबर पक्की :12 फरवरी रतलाम, सरकारी अफसर अगर ठान ले तो क्या नहीं हो सकता बस मदद करने की इच्छा शक्ति भर होना चाहिए। ऐसा ही कुछ रतलाम जिले की पीपलोदी की रहने वाली लीलाबाई ईश्वरलाल पाटीदार के साथ हुआ। लीलाबाई को अचानक स्वास्थ्य समस्या होने पर अचानक यू एन मेहता Institute आफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर अहमदाबाद में ले जाकर भर्ती करवाना पड़ा। कृषक परिवार से होने से उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से आरोग्य कार्ड बनवा रखा था। उनके नसों में कुछ प्रॉब्लम होने से उन्हें 15 जनवरी को भर्ती कराया था। उनका इलाज 24 जनवरी को पूरा हो गया था और कागज में उन्हें डिस्चार्ज भी कर दिया गया था। अस्पताल द्वारा मध्य प्रदेश सरकार को उनके आरोग्य कार्ड की online डिटेल भेज कर इलाज के खर्च का approval मांगा थ किंतु लापरवाही के चलते अप्रूवल नहीं मिलने से कागज में चेस्ट आज होने के बावजूद लीलाबाई को वास्तव में अस्पताल द्वारा छुट्टी नहीं दी गई यह कहकर कि जब तक approval नहीं आएगा आप को रुकना पड़ेगा नहीं तो पैसे आपको देना पड़ेगा। इलाज पूर्ण होने के बावजूद जब 4 दिन तक लीलाबाई की छुट्टी नहीं हो पाई। तो उनके घर वालों ने तितरी मथुरि में अंगूर उगाने वाले प्रगतिशील कृषक मोतीलाल पाटीदार से संपर्क किया और अपनी व्यथा बताइ। मोतीलाल पाटीदार ने कहा कि चलो कुछ प्रयास करता हूं उनको कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने उनकी वायनरी के लिए मिशन मोड में काम करते हुए मध्य प्रदेश की पहली वायनरी रतलाम जिले के तितरी में स्थापित करवाने वाली लोकप्रिय और जुझारू रतलाम कलेक्टर रही दीप्ति गौड़ मुखर्जी को जो वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी है को व्हाट्सएप पर कागज भेजें और पूरा घटनाक्रम बता कर मदद के लिए अनुरोध किया कि अगर हो सके तो इनकी मदद करना है। दीप्ति गौर मुखर्जी द्वारा मैसेज देखने के तुरंत बाद फोन लगाकर अहमदाबाद स्थित पेशेंट के परिवार का नंबर लिया और बात की। पेशेंट के परिवार द्वारा उनको वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया सारी स्थिति जानकर दीप्ति गौड़ मुखर्जी द्वारा अस्पताल को तुरंत मरीज के खर्चे का अप्रूवल दिलवाया और सीधा हॉस्पिटल मैनेजमेंट से बात की गई परिणाम स्वरूप 29 जनवरी को सुबह मरीज की छुट्टी कर दी गई और अस्पताल मैनेजमेंट द्वारा मरीज व मरीज के परिजनों से खेद व्यक्त किया गया। उक्त पूरा किस्सा जब मरीज के परिजनों द्वारा खबर पक्की के साथ साझा कर जब पूर्व कलेक्टर मैडम की भूरी भूरी प्रशंसा की तो खबर पक्की ने सुनिश्चित किया कि यह खबर जनता के हित की है और इसका प्रकाशन किया जाना चाहिए ताकि वास्तव में जो अच्छे अफसर है उनको ऐसी खबरों से प्रेरणा मिले अन्यथा सस्ती शोहरत के लिए अफसरी करने वाले तो बहुत अफसर हमने देखे हैं।

You missed

error: Content is protected !!