खबर पक्की, 4 फरवरी, रतलाम। केंद्र शासन की आकांक्षी विकासखंड योजना के तहत रतलाम जिले का बाजना विकासखंड भी चयनित है। विकासखंड में योजना के तहत विभिन्न बिंदुओं और संकेतकों पर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा नियुक्त प्रमुख सचिव आयुष विभाग एवं आकांक्षी विकासखंड के लिए जिले हेतु नियुक्त प्रभारी अधिकारी श्रीमती करलीन खोंगवार देशमुख द्वारा रतलाम आकर बाजना में विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित बैठक में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, अपर कलेक्टर एम.एल. आर्य, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
आकांक्षी विकासखंड योजना के तहत बाजना क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभारी अधिकारी श्रीमती देशमुख ने निर्देशित किया कि विभिन्न संकेतकों का अध्ययन करते हुए बाजना क्षेत्र में विभागीय गतिविधियों को और अधिक विस्तार दिया जाए, सक्रियता लाई जाए। क्षेत्र के जनजातीय बंधुओं के सर्वांगीण विकास के लिए सभी अधिकारी सक्रिय होकर कार्य करें। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने प्रभारी अधिकारी को बाजना क्षेत्र की गतिविधियों से अवगत कराया। जिला योजना अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार ने प्रेजेंटेशन दिया।
श्रीमती देशमुख ने निर्देशित किया कि बाजना क्षेत्र में खून की कमी वाली महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों के सुधार हेतु विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए कार्य योजना पर नियोजित ढंग से अमल किया जाए। इस संबंध में जिला आयुष विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला बाल विकास विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। इस हेतु आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए।
बैठक में प्रभारी अधिकारी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाडी, रोजगार, कृषि, विद्युत, स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों निर्माण कार्यों इत्यादि की समीक्षा की गई। बैंकिंग गतिविधियों पर भी जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजनाओं का लाभ बाजना क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर दिलवाने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने विभिन्न संकेतकों पर जिले की रैंकिंग की जानकारी प्राप्त करते हुए रिपोर्टिंग रियल टाइम में करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने प्रभारी अधिकारी को बाजना क्षेत्र में सुधार कार्यो से अवगत कराते हुए बताया कि इस वर्ष बाजना क्षेत्र में बेहतर फसल उत्पादन हुआ है। क्षेत्र में यूरिया की गत वर्ष की तुलना में बढ़ती हुई मांग बेहतर फसल उत्पादन का संकेतक है। क्षेत्र में परिवार एनजीओ द्वारा भी शिक्षा कुटीर योजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।

