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बगैर लेआउट परमिशन के आइस फैक्ट्री की जमीन का नक्शा बाजार में भाव 15000 क्रेता सावधान के नियम का पालन करें

BySurendra Jain

Jan 2, 2022

खबर पक्की : 2 जनवरी रतलाम, प्रशासन चाहे तो क्या कुछ नहीं हो सकता वैध अवैध हो सकता है और अवैध वैध हो सकता है। आप नीचे जो नक्शा देख रहे हैं रतलाम आइस फैक्ट्री का है फैक्ट्री अभी चालू है फैक्ट्री की जमीन शासन द्वारा लीज पर दी गई थी फैक्ट्री लगाने के लिए लेकिन उस फैक्ट्री की जमीन की रजिस्ट्री हो गई है। बताया जा रहा है कि उसका नामांतरण भी कर दिया गया है। पहले तो उद्योग के लिए आवंटित जमीन का लैंड यूज़ बदला गया मास्टर प्लान में।फिर दूसरों की जमीनों के 56,57 के रिकॉर्ड देखकर नामांतरण अटका कर अवैध वसूली करने वाला राजस्व विभाग जिसके कर्ता-धर्ता जयंत विटामिंस लिमिटेड की 50 करोड़ की जमीन बेचने वाले लक्ष्मीपति 1008 श्री गोपाल सोनी है के द्वारा इस मामले में भी बिजली की रफ्तार से कार्रवाई करते हुए जिस प्रकार पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया वह काबिले तारीफ है। इनकी उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए इनका नाम पद्मश्री के लिए प्रस्तावित करना चाहिए। इनके सहयोग और उदार कार्यशैली के चलते रतलाम आइस फैक्ट्री के क्रेता ने बगैर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग में लेआउट पास कराएं उक्त नक्शा बाजार में छोटे टुकड़े काटकर बेचने के लिए फेंक दिया है। बताया जाता है कि उक्त छोटे टुकड़ों का रेट आगे के ₹15000 प्रति वर्ग फिट बताया जा रहा है। जिस प्रकार द्वारका रेजिडेंसी में में 26 परमिशन लेने के बावजूद कलेक्टर द्वारा उसे अवैध घोषित किया गया तो फिर रतलाम आइस फैक्ट्री की तो राम कहानी पूरी दुनिया को पता है इसलिए क्रेता सावधान होने के नियम का पालन करते हुए शहर के लोगों को जागरूक किया जाता है कि बहुत सोच समझ कर ही इस प्रॉपर्टी में निवेश करने का निर्णय लें अन्यथा 26 परमिशन लेकर वैध द्वारका रेजिडेंसी जिस प्रकार अवैध हो सकती है तो शुरु से ही अवैध इस प्रॉपर्टी को अवैध होने में कितनी देर लगना है। अतः अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई को निवेश करने के पहले सावधानीपूर्वक विचार कर ले।

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