• Fri. Sep 18th, 2026

नोटबंदी पर भाजपा की सफाई, काश्यप बोले-लोकप्रिय नहीं पर लोकहित का था फैसला

BySurendra Jain

Nov 8, 2017

 

रतलाम। नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर बुधवार को भाजपा ने देश के सभी जिला मुख्यालयों पर अपने नेताओं के माध्यम से नोटबंदी की सफलताएं गिनाई। रतलाम में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष व विधायक चेतन्य काश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष कान्हसिंह चौहान ने पार्टी की बात मीडियाकर्मियों के माध्यम से जनता के सामने रखी। काश्यप ने कहा- नोटबंदी लोकप्रिय नहीं लेकिन लोकहित का फैसला था।

सरकारी विश्राम गृह पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चेतन्य काश्यप ने कहा कि कांग्रेस में बौखलाहट है इसलिए नोटबंदी को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बीते 15 सालों से महसूस की जा रही थी लेकिन कांग्रेस की सरकार यह कदम नहीं उठा सकी। नोटबंदी के बाद राष्ट्रविरोधी ताकतो जैसे नक्सलवादी, आंतकवादी कमजोर हुए है। जितनी नगद करंसी देश में थी वह किनकी है अब इसकी पहचान स्पष्ट हो चुकी है। कालेधन के रूप में जमा रकम अब व्यवस्था में लौट आई है। नोटबंदी के बाद सरकार ने 1.5 लाख बैंक खातों को जांच में लिया है, 3 से 4 लाख करोड़ रूपया बैंको में अतिरिक्त आ गया है। इस रकम के माध्यम से 1.5 करोड़ लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले है। 26.5 प्रतिशत नए करदाता बढ़े है। 2.25 लाख फर्जी कंपनिया बंद हुई है। काश्यप ने कहा कि इतनी उपलब्धियों के बावजूद कांग्रेस नोटबंदी के दिन को काला दिवस बता रही है, काला दिवस तो वह था जब लोकतंत्र को ताक पर रखकर कांग्रेस की सरकार ने देश में इमरजेंसी लागू की थी। हालांकि विधायक चेतन्य काश्यप ने यह भी माना कि केवल नोटबंदी से ही देश में भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा, यह गलत है। भ्रष्टाचार अब भी निचले स्तर पर कायम है और नोटबंदी उसे समाप्त करने की ओर पहला कदम था आखिरी नहीं। निचले स्तर तक स्वच्छ प्रशासन के लिए सरकार को यदि भविष्य में भी कोई ओर कदम उठाने पड़े तो भाजपानित एनडीए सरकार पीछे नहीं हटेगी।

You missed

error: Content is protected !!