खबर पक्की, 27 नवंबर, रतलाम। संविधान दिवस के उपलक्ष पर जिला अभिभाषक संघ रतलाम द्वारा संविधान दिवस का कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार गुप्ता के मुख्य अतिथि एवं हितेंद्र कुमार मिश्रा कुटुंब न्यायालय के व विशिष्ट अतिथि में में मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मां सरस्वती की पूजन कर बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर भारत के संविधान की पुस्तक की पूजा की गई। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार गुप्ता द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया जिसे अभिभाषक एवं मुख्यालय पर पदस्थ समस्त न्यायाधीश गण उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी सुनील पारिख एडवोकेट ने देते हुवे बताया की कार्यक्रम मेँ संविधान की प्रस्तावना के भाषण में उपस्थित अभिभाषक एवं न्यायाधीश गण द्वारा संविधान की उद्देशिका को एक स्वर में दोहराया गया। प्रधान न्यायाधीश द्वारा अपने उदबोधन में कहा गया कि हमारे देश में संविधान ही सर्वोपरि है संविधान की जानकारी सभी लोगों को होना चाहिए। संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने में अभिभाषक एवं न्यायपालिका का बहुत योगदान है। उन्होंने कपिला हिंगोरानी के केस का उदाहरण देते हुए बताया कि 40000 बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध ना होने के कारण छोड़ा गया। जिसके पश्चात विधिक सहायता एवं नेशनल लोक अदालत को अस्तित्व में लाया गया। संघ अध्यक्ष अभय शर्मा ने अपने उद्बोधन ने बताया कि वर्ष 2015 में बाबा साहब की 125 वीं जयंती मनाई गई थीं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संविधान सभा के अध्यक्ष बाला साहब के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने की घोषणा की तब से यह कानून दिवस या संवैधानिक दिवस मनाया जाता है। हम भारत के लोग संविधान की शक्ति है संविधान का ईमानदारी से पालन होने पर देश तेजी से तरक्की कर सकता है। संविधान के महत्व को आने वाली पीढ़ी को समझाना होगा ताकि वह संविधान का सम्मान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ अभिभाषक शांतिलाल मालवीय, सतीश पुरोहित और अदिति दवेसर ने भी अपने उदबोधन दिए और संविधान के स्वरूप स्त्रोत उद्देश्य पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर अभिभाषक संघ के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभिभाषक और मुख्यालय में पदस्थ समस्त न्यायाधीश गण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सचिव विकास पुरोहित द्वारा किया गया।

