खबर पक्की: 24 सितंबर रतलाम, चित्र में दिख रहे 28 वर्ष के इस युवक का नाम घनश्याम पाटीदार है l 19 सितंबर को शाम 6:55 से 7:05 के बीच दूध बांटकर और जैविक सब्जियां बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले इस युवक को बड़ बड़ रोड पर साक्षी पेट्रोल पंप से मुड़ कर दूसरी लाइन पर जाते हुए एक इनोवा ने पीछे से टक्कर मार दी और बुरी तरह घायल कर दिया l युवक के परिचित और भाजपा सांसद गुमान सिंह के प्रतिनिधि राजेंद्र पाटीदार इनको लेखराज पाटीदार के गीता देवी अस्पताल में ले गए वहां इनका एक्सरे और अन्य जांच कर गोली दवाई लिख दी और बताया कि 14 दिन में आटोमेटिक ठीक हो जाएगा l किंतु जब दर्द में रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा और एक पैर लगभग सुन्न हो गया तो इनके पिता तेजराम पाटीदार इन को अहमदाबाद ले गए जहां एम आर आई और अन्य जांच कर फ्रैक्चर बताया गया l टक्कर मारने वाली इनोवा की नंबर प्लेट पीले कलर की थी और वह टैक्सी परमिट वाली गाड़ी थी और बताया जाता है कि 8 लाइन के कार्य में लगी हुई है l उक्त दुर्घटना की रिपोर्ट लिखाने स्वयं तेजराम पाटीदार दुर्घटना मैं घायल अपने पुत्र घनश्याम पाटीदार को लेकर थाना औद्योगिक क्षेत्र गए थे l लेकिन औद्योगिक थाना पर पदस्थ पुलिसकर्मी हरिराम पाल और बैच नंबर 668 के पुलिसकर्मी द्वारा रिपोर्ट नहीं लिखी गई और doctor लेखराज पाटीदार के यहां से तहरीर लाने का कहा गया लेकिन डॉक्टर लेखराज पाटीदार का कहना था कि पुलिसकर्मी आकर खुद ले जाएंगे हम आपको नहीं देंगे उसके बाद दो-तीन चक्कर और तेज राम पाटीदार द्वारा थाने के लगाए गए लेकिन पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया l इस पर घनश्याम पाटीदार के छोटे भाई मोहित पाटीदार ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री ऑनलाइन में कंप्लेंट की जिस पर थाने से बुलावे पर आज शाम को फिर तेजराम पाटीदार औद्योगिक थाने पर गए और रिपोर्ट लिखने का कहा तो वापस फिर तहरीर की बात कही इस पर उनको गुस्सा आ गया कि 5 दिन हो गए चक्कर लगाते लगाते आपको f.i.r. करना है कि नहीं तो थाने पर पदस्थ bache नंबर 665 के पुलिसकर्मी और हरिराम पाल ने कहा कि जोर से बोलो तो तुम्हारे खिलाफ f.i.r. कर दूंगा l खबर पक्की के संपादक भी तेजराम पाटीदार जी के बुलाने पर उस वक्त थाने में ही मौजूद थे उन्होंने भी कहा कि 5 दिन हो गए हैं इनको चक्कर लगाते लगाते अगर डॉक्टर लिखकर नहीं देगा तो क्या इनकी f.i.r. नहीं होगी इस पर bache नंबर 665 और पुलिसकर्मी हरी रामपाल द्वारा खबर पक्की के संपादक को कहा गया कि आप कौन आप ज्यादा बोले तो आपके खिलाफ भी f.i.r. कर दूंगा तो खबर पक्की के संपादक ने जवाब दिया कि अगर किसी की मदद करना अपराध है तो आप मेरी भी f.i.r. कर दीजिए पर इसकी रिपोर्ट लिख लीजिए l एसपी रतलाम डीआईजी रतलाम मंदसौर रेंज और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री को विचार करना चाहिए की एक एक्सीडेंट में घायल गंभीर व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है तो बाकी मामलों में क्या हो रहा होगा l मुख्यमंत्री ऑनलाइन में कंप्लेन होने के बाद भी पुलिस को किसी प्रकार का अपना कर्तव्य पालन नहीं किया जाने का कोई खौफ या डर नहीं है l तीन सरकारों को देख चुके सवा 3 साल से अधिक समय से जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि अधिकांश पीड़ित उनके पास क्यों पहुंचते हैं और उसके बाद ही कार्रवाई क्यों होती है जबकि होना यह चाहिए की थाने में फरियादी के पहुंचते ही तुरंत कार्रवाई हो और किसी भी फरियादी को एसपी या डीआईजी तक पहुंचना ही ना पड़े लेकिन अधिकांश मामलों में यह हो रहा है कि थाना में गुण दोष के आधार पर रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है और एसपी तक फरियाद पहुंचने के बाद उनके हस्तक्षेप के बाद ही रिपोर्ट लिखी जाती है अर्थात सामान्य पुलिसिंग एक तरह से ठप हो गई है जो कि पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा गंभीर प्रश्न चिन्ह है l एसपी रतलाम को थाना पर रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के इस मामले में तुरंत बड़ी कार्रवाई करना चाहिए तो ही राज्य सरकार और पुलिस की खराब हो रही छवि को सुधारा जा सकता है l
