खबर पक्की, 24 सितंबर, रतलाम। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ म.प्र. राज्य खाद्य आयोग के सदस्य किशोर खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक के दौरान श्री खण्डेलवाल ने विगत बैठक के निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि शासकीय उचित मूल्य की सभी दुकानों पर पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड डिस्प्ले किए जाएं एवं स्टाक के अनुरूप सभी पात्र हितग्राहियों को राशन का वितरण किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिले में संचालित समस्त निगरानी समितियों के सदस्यों का प्रशिक्षण अन्तरविभागीय समन्वय के माध्यम से पूर्ण किया जाए एवं विभागीय अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभागीय योजना और कार्यक्रमों की जानकारी से उन्हें अवगत कराएं। श्री खण्डेलवाल ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत हर व्यक्ति को खाद्यान्न की सुरक्षा उपलब्ध कराना मूल दायित्व बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रुप से अतिसक्षम एवं बीपीएल सूची में सम्मिलित अपात्र लोगों के नाम सूची से विलोपित किए जाएं तथा वास्तविक आधार पर अतिगरीब वर्ग को हितलाभ प्रदान किया जाए। विगत तीन से छह माह से अधिक समय से जो लोग राशन प्राप्त करने नहीं आ रहे हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनको कार्यालय में समय प्रदान करके चर्चा की जाए। खाद्यान्न प्राप्त नहीं होने सम्बन्धी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए। शिकायतों के निराकरण के लिए जिला एवं ब्लाक स्तर पर बैठक आयोजित की जाए। खाद्य विभाग के अधिकारी राशन की दुकानों के निरीक्षण के समय चेकलिस्ट अनुसार पीओएस मशीन, स्टाक पंजी आदि का भौतिक सत्यापन करें। अनियमितता करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध एसडीएम को प्रतिवेदन देकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बिक्री, वितरण, स्टाक, तीन महीने का ट्रांजेक्षन का रिकार्ड, शिकायत पुस्तिका, निरीक्षण पुस्तिका पर विभागीय अधिकारी अपनी टीप अंकित करें तथा सभी पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
श्री खण्डेलवाल ने जिला पंचायत के अधिकारियों से मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत स्कूलों में दिए जाने वाले राशन के बारे में विस्तार से समीक्षा की। किचन शेड की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को श्री खण्डेलवाल ने कुपोषित बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए कुपोषण के प्रारंभिक लक्षण मिलते ही उचित पोषण सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अतिगंभीर कुपोषित स्थिति में पहुंचने से पहले ही उनकी पहचान करके परिजनों को पोषण आहार संबंधी परामर्श दिया जाए, क्षेत्र की समस्त गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को गर्भावस्था के समय से ही उचित परामर्श प्रदान किया जाए। उन्होंने कुपोषण को इसके न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए समर्पित भाव से सामूहिक जिम्मेदारी का पालन करने का आव्हान किया।
कुपोषण के विरुद्ध अभियान हेतु समर्पित भाव से कार्य करें : खण्डेलवाल
