खबर पक्की:, 8 जुलाई नई दिल्ली, फ्रांस की एक अदालत ने 11 जून को ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी की अपील पर भारत सरकार की संपत्तियों को जप्त करने का आदेश दिया था, इन संपत्ति में ज्यादातर फ्लैट व बिल्डिंग शामिल थी। बुधवार को इस बाबत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
एक मध्यस्थता अदालत ने दिसंबर में भारत सरकार को आदेश दिया था कि वह केयर्न एनर्जी को 1.2 अरब डॉलर से अधिक का ब्याज और जुर्माना चुकाए। भारत सरकार ने इस आदेश को स्वीकार करने से इंकार कर दिया सरकार के इस रवैये के बाद केयर्न एनर्जी ने भारत सरकार की संपत्ति को जब्त करके उक्त राशि की वसूली के लिए विदेशों के कई न्यायालयों में अपील की थी।
केयर्न एनर्जी एकमात्र ऐसी विदेशी कंपनी थी, जिसके खिलाफ सरकार ने भूतलक्षी प्रभाव से कर वसूलने की कार्रवाई की थी। न्यायाधिकरण में मामला लंबित रहने के दौरान सरकार ने वेदांत लिमिटेड में केयर्न की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी, करीब 1,140 करोड़ रुपये का लाभांश जब्त कर लिया और करीब 1,590 करोड़ रुपये का कर रिफंड नहीं दिया। केयर्न एनर्जी के अलावा सरकार ने इसी तरह की कर मांग उसकी सहायक कंपनी केयर्न इंडिया से भी की है जो अब भारतीय कंपनी वेदांता रिसोर्सेस में मर्ज हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की किरकिरी फ्रांस की अदालत ने भारत सरकार की संपत्तियों को जप्त कर वसूली के आदेश दिए
