खबर पक्की : 9 जून रतलाम, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बावजूद प्रशासन व जनप्रतिनिधियों द्वारा अभी तक रतलाम को पूरी तरह कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए खोलने का निर्णय ना ले पाना जनता के मन में तरह-तरह के संदेह पैदा कर रहा है। जनता को ऐसा लग रहा है की स्थिति जिस प्रकार सामान्य बताई जा रही है वैसी है नहीं और आंकड़ों में हेरफेर किया जा रहा है। प्लास्टिक पैकेजिंग इंडस्ट्री चलाने वाले संजय बोराना का कहना है यदि स्थिति सही है तो फिर प्रशासन खोलने में इतनी लेट लतीफी क्यों कर रहा है उसके मन में किस प्रकार का डर है कहीं ऐसा तो नहीं कि कुछ गड़बड़ है इसी प्रकार रेडीमेड का धंधा करने वाले सौरभ पवार का कहना है 2 महीना हो गया है प्रशासन कह रहा है कि स्थिति पूरी तरह काबू में है तो फिर बाजार नहीं खोलने का औचित्य क्या है क्या प्रशासन को अपने आंकड़ों में विश्वास नहीं है या फिर वास्तविकता कुछ और है उसने कहा कि प्रशासन को बड़े कार्यक्रमों जैसे शादी विवाह जन्मदिन की पार्टी मैं भारी भीड़ ईखट्टा करने वाले किसी भी तरह के आयोजन पर रोक तो उचित मानी जा सकती है क्योंकि कोरोना विस्फोट का असल कारण वही है पर दुकान नहीं खोलने देने का औचित्य समझ से परे है। सिंघम टाइम्स के संपादक गोविंद उपाध्याय का भी कहना है कि अब प्रशासन को नियम कायदों के अंतर्गत काम करने वालों को छूट देना चाहिए क्योंकि गरीब और मध्यम वर्ग की हालत बहुत खस्ता हो चुकी है किराना व्यापारी मुकेश तलेरा ने भी कहा कि ऑनलाइन बिजनेस वाले तो अपना बिजनेस बखूबी कर रहे हैं छोटे दुकानदारों का भी प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए धान मंडी में चाय पत्ती की दुकान चलाने वाले समीर तलेरा तक के भी यही उदगार थे। हर तबके के लोगों ने खबर पक्की से चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना तो अब जीवन भर रहना है और नियम का पालन करते हुए जिंदगी चलती रहना चाहिए। प्रशासन जो आंकड़े बता रहा है उससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दे रही है तो प्रशासन को बाजार पूरी तरह खोलकर अपने आंकड़ों पर विश्वसनीयता की मोहर लगाना चाहिए।
