खबर पक्की: 21 मई रतलाम, भाजपा की फायरब्रांड नेता सीमा टाक ने कलेक्टर को पत्र लिख कर E paas पर पुनर्विचार करने का निवेदन किया है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा 22 मई से जिले में ई पास व्यवस्था लागू की जा रही है जो 31 मई तक लागू रहेंगी। इस E पास व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को डिजिटल माध्यम से आवेदन करना होगा और गुण दोष के आधार पर उसको 4 घंटे में E पास मोबाइल पर प्राप्त होगा। इसी व्यवस्था को लेकर भाजपा की महिला नेत्री और पूर्व पार्षद सीमा टाक द्वारा सवाल उठाये गये है की इतना बड़ा जिला है किसी के घर मे अचानक कोई इमरजेंसी आ जाती है कोई बीमार हो जाता हैं तो क्या वह पहले E पास के लिये आवेदन करेंगा और 4 घण्टे इंतजार करेंगा और उसके परिजन के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होंगी। पत्र में उन्होंने रतलाम की जनता की तारीफ करते हुए लिखा है कि 1 महीने 12 दिन होने के बाद भी इतना दुख तकलीफ सहन करने के बावजूद रतलाम की जनता ने कोई आवाज नहीं उठाई और सब्र कायम रखा। पत्र में उन्होंने गरीबों की बदतर स्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि मध्यमवर्गीय जनता की परेशानियों को देखते हुए E पास के निर्णय पर पुनर्विचार करें।यहां गौर करने योग्य बात यह भी है कि इस निर्णय से ऐसा लगता है जैसे जिले की शत प्रतिशत जनता के पास एंड्रॉयड फोन है और हर आदमी डिजिटल माध्यम का उपयोग करने में सक्षम है। हैरत इस बात की है कि जिले में 5 विधायक है तीन सांसद है भाजपा कांग्रेस के दर्जनों नेता है पर किसी ने इस व्यवस्था से होने वाली व्यवहारिक परेशानियों का आकलन नहीं किया और एक महिला नेत्री को इस मामले में आगे आना पड़ा और अपनी ही सरकार और अपने ही कलेक्टर के निर्णय के खिलाफ उनको पुनर्विचार करने के लिए पत्र लिखना पड़ा यह सभी जनप्रतिनिधियों के लिए विचार करने योग्य बात है।
