खबर पक्की : 18 मई रतलाम, हे कुमार आप तो पुरुषोत्तम है, आपके आते ही रतलाम की धर्म प्रेमी जनता को आपसे बहुत आशाएं और अपेक्षाऐ बढ़ गई थी क्योंकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का नाम आपके नाम मे जुड़ा है। आपमे काम करने का जज्बा है,मेहनत करने की सामर्थ्य है और टीम से काम लेने की कला है पर हे कुमार है पुरुषोत्तम आपसे निवेदन है की आप कोरोना के भागते आंकड़ों को नियंत्रण करने के चक्कर मे पहले से खतरे में पड़ी जनता को और खतरे में नही डाले क्योंकि आपके निर्देश पर हर जगह फीवर क्लीनिक पर RTPCR टेस्ट घटा दिए गये है जो कोरोना जांच के उपलब्ध तरीके में सर्वाधिक विश्वसनीय तरीका है जिसमें हर जांच कराने वाले को विश्वास है और इसमे जांच उपरांत पॉजिटिव मरीजों का औसत 35 से 40 प्रतिशत दस दिन पूर्व तक आ रहा था। किंतु आपने जांच के इस उपलब्ध विश्वसनीय तरीके की जगह रैपिड टेस्ट को तरजीह दी जिसकी विश्वसनीयता सन्दिग्ध है और जिसका टेस्ट सफलता औसत मात्र 10 प्रतिशत है। फलस्वरूप कोरोना होने के उपरांत भी जो व्यक्ति इस टेस्ट की पकड़ से छूट जायेगा वह अन्य लोगों को संक्रमित करेगा। इस कारण कुछ समय के लिये तो आप नम्बर्स को कम कर सकते हैं इससे सरकार में आपके नम्बर भी बढ़ जाएंगे पर जिले की जनता की विश्वसनीय जांच नहीं होने से उनके मेंबर्स जरूर कम हो जाएंगे। आज सैलाना ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डांगे से बात हुई उन्होंने बताया कि उन्हें 35 RTPCR और 50 रैपिड टेस्ट करने का टारगेट है। उनसे जब पूछा गया की आप बोदिना आम्बा धामनोद के लोग टेस्ट के लिये आ रहे तो क्यों लौटा रहे हो तो उन्होंने कहा की वह हमारे क्षेत्र में नही आता जिस क्षेत्र में आता है वहा जाँच कराये। अब आप ही बताये पहले से पीड़ित मरीज को इस तरह लौटाना क्या ठीक है। जब मैंने कहा कि क्या इस तरह के लिखित आदेश है तो उन्होंने माना कि लिखित आदेश तो नही है किंतु मौखिक रूप से मीटिंग में ताक़ीद किया गया है। महोदय आप भारत के संविधान और यहां की जनता के प्रति अधिक जवाबदार है बनिस्बत सरकार और उसके मुखिया के और आप तो इस बीमारी की पीड़ा भोग चुके हैं एक बार दिल मे जरूर सोंचे की यदि आप की सही से जांच और सही से इलाज नही होता तो क्या होता सोंच कर मेरी तो रूह कांप रही है ईश्वर का लाख लाख शुक्रिया जो उसने आपको तुरंत सम्भाला अतः आपसे कर बद्ध प्रार्थना है की सभी सेंटर्स पर आप RTPCR टेस्ट बढ़ाये ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीज पकड़ में आ सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों का इलाज समय पर हो सके इससे आप अपने नाम मे छिपे ईश्वर के नाम की विश्वसनीयता को सार्थक करेंगे। और जनता से अगाध विश्वास और प्रेम पा सकेंगे।
