खबर पक्की :13 मई रतलाम, यदि आपके पास लिमिटेड टीके है तो ज्यादा लोगो को आमंत्रित नही कर सिर्फ द्वितीय डोज वालों को ही लगावें
वेक्सिन डोज लगाने की व्यवस्था सही नही होने से सेंटर के चक्क.र लगाकर नागरिक परेशान हो रहे हैं
जनशक्ति संयोजक राधावल्लभ खण्डेलवाल ने बताया कि 12 मई को काश्यप सभाग्रृह मे 2 बजे पहले ही ताला लगा दिया एवं सन्तोषजनक उत्तर देने के लिये कोई भी जवाबदार व्यक्ति वहाँ उपस्थित नही था ना ही कोई नोटिस बोर्ड लगा था जबकि टीकाकरण का समय शाम 5 बजे तक का निर्धारित है।
13 मई को माहेश्वरी धर्मशाला मे सुबह 9.20 पर ही चेनलगेट बन्द कर दिया गया ,यहाँ भी कोई शासकीय जवाबदार व्यक्ति उपस्थित नही था धर्मशाला के कार्यकर्ताओ ने ही बताया कि अन्दर 350 व्यक्ति हो गये है इतने ही टीके लगेंगे। विचारणीय प्रश्न है कि सुबह 9 बजे से खुलने वाले केन्द्र पर सिर्फ 15 मिनिट में 350 व्यक्ति कैसे हो गये
यदि 350 व्यक्ति हो भी गये तो कोरोना प्रोटोकाल जैसे सोशल डिस्टेँसींग का पालन कैसे सम्भव हुआ
श्री खण्डेलवाल ने कहा कि सिर्फ एक ही वेक्सीन सैन्टर होने से दुर रहने वाला नागरिक जिसके पास वाहन नही है आँटो करता है तो आने जाने एवं वेटिंग के 200–250 रुपये लगते है उन्होने 2 दिन चक्कर खाये परेशान हुए ,400–500 रुपये लग गये फिर भी टीका नही लगा।
ऐसे अनेक नागरिक परेशान हो रहे है।
अतः अनुरोध है कि पर्याप्त टीके की व्यवस्था की जावे एवं अधिक केन्द्र बनाये ताकि सभी को समय पर टीके लग जावे यदि टीके की कमी है तो मात्रा के अनुसार सिर्फ दुसरा डोज पहले वरिष्ठ फिर +45 को ही लगाया जावे 18+ या अन्य को प्रथम डोज नही लगाया जावे अथवा कोविशिल्ड की बजाय कोवेक्सिन लगाया जावे ताकि सेन्टर पर ज्यादा भीड़ ना हो . व्यर्थ चक्कर ना लगे एवं निर्धारित समय पर दुसरा डोज लगे ताकी वो असरकारक हो
श्री खण्डेलवाल ने कहा कि यथासंभव शासकीय कार्यालय में ही टीके लगाये जावे ,जब ज्यादा जगह टीकाकरण करना हो तो धर्मशाला वैकल्पिक व्यवस्था है।
यदि समाज विशेष या वर्ग विशेष को सुविधा देनी हो तो अशासकीय जगह का उपयोग हो
टीकाकरण की व्यवस्था सुधारें, लोगों का समय श्रम और पैसा बर्बाद ना करें: खंडेलवाल
