खबर पक्की: 24 अप्रैल रतलाम, आज जब हम सदी की सबसे बड़ी और भयानक महामारी से जूझ रहे हैं ऐसे में इस महामारी को जीतने के लिए जोश जुनून और जज्बे की जरूरत है जो सिर्फ एकल और अलग-अलग प्रयासों से संभव नहीं है इसके लिए सामूहिक और सामुदायिक प्रयास की जरूरत है और ऐसे लोगों को ताकत के साथ जोड़ने की जरूरत है जो अपना तन मन धन इस आपदा और संकट के समय में लोगों की सेवा में कुर्बान करने के लिए तैयार है किसी एक आदमी से एक करोड़ या 5 करोड़ ले लेने से आप समस्या को तात्कालिक तौर पर थोड़ा बहुत हल कर सकते हैं लेकिन वह जोश और जज्बा और जुनून पैदा नहीं कर पाएंगे जो सामूहिक प्रयासों से सेवा का ज्वालामुखी बन कर इस महामारी का समूल विनाश कर दे मेरा रतलाम जिला प्रशासन और कलेक्टर से विनम्र अनुरोध है कि संकट की इस घड़ी में सभी आपके साथ हैं आप केंद्र बिंदु बनकर रतलाम के सेवाभावी लोगों को अपने साथ जोड़े और तत्काल एक मीटिंग ऐसे लोगों की आहूत करें जो इस सेवा के महायज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए तन मन धन से समर्पित है चाहे वह किसी भी फील्ड का हो चाहे वह किसी भी व्यवसाय से जुड़ा हो किसी भी धर्म या समुदाय का हो यदि इस महामारी के समय में अपना तन मन धन समर्पित करता है तो इस धरती का सबसे बड़ा भगवान है और ऐसे लोग यहां हर समुदाय में आपको बहुतायत से मिल जाएंगे। गरीबों को अन्न पानी की व्यवस्था करना हो या फिर मरीजों को दवाई दारू की ऑक्सीजन की व्यवस्था करना हो हर प्रकार की सेवा करने वाले यहां जी जान से मन प्राण से मिल जाएंगे जरूरत है उन्हें आव्हान करने की उन्हें बुलाने की और उनसे मशवरा करने की फिर देखिए आप समस्या का आधा हल तो उनके सेवा के जज्बे को देखकर ही आपको मिल जाएगा क्योंकि हर सेवा करने वाले के अपने संपर्क है अपनी पहुंच है अपनी काबिलियत है जिससे वह अपने स्तर पर इस महामारी के संकट में निजात दिला सकता है जनता का विश्वास भी आप पर तभी बनेगा जब आप उस पर विश्वास करना शुरू करेंगे तो देर न कीजिए बगैर जाति धर्म संप्रदाय को देखें पार्टी को देखें रतलाम के सेवाभावी लोगों को आवाहन कीजिए उनकी मीटिंग बुलाइए और कह दीजिए उनको यह शहर आपका है आप ही संभालिए इसे हम आपके साथ हैं और कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई में हर सेवादार को सैनिक बना दीजिए फिर देखिए चमत्कार आपके और हमारे सामूहिक प्रयास इस जिले से कैसे इस बीमारी को जड़ मूल से उखाड़ देते हैं।
