खबर पक्की :19 अप्रैल रतलाम, आज जब पूरा देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है और रतलाम जिले में इस महामारी का प्रकोप अपने पूरे उफान पर है, तब प्रश्न उठना लाजिमी है कि जिनकी रोजी-रोटी ही बीमारों की बीमारी पर टिकी है, वह इस महामारी के समय में जनता को राहत पहुंचाने के लिए अपने स्वयं के स्तर पर क्या कर रहे है। जी हां आपने सही पकड़ा मेरा सवाल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एमआर एसोसिएशन जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से है कि जब सभी सामाजिक संस्थाएं पूरा स्वास्थ्य अमला और पूरा जिला प्रशासन सहित हर आदमी अपने स्तर पर इस लड़ाई में अपना योगदान दे रहा है तब यह तीनों संस्थाएं अपने तई क्या योगदान दे रही है। स्वास्थ्य मामलों के एक्सपर्ट इन तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों को नींद से जागने की जरूरत है और मानवता पर आई इस महा विपदा के समय में शीघ्र अति शीघ्र अपने क्रियाकलापों से जनता में यह विश्वास जगाना चाहिए कि वह भी जनता के साथ है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अगर इस मुश्किल घड़ी मैं यह विश्वास जगाने में वे असफल रहते हैं तो हर कोई उन्हें माफ कर दे पर जिले की जनता उन्हें माफ नहीं कर पाएगी। उनके लिए बस इतना ही कहूंगा, की बहुत जरूरी है जिंदगी में यह समझना, कि क्या जरूरी है। और यह बात वे जितनी जल्दी समझ ले जिले की जनता और उनके लिए अच्छा रहेगा।
