खबर पक्की: 15 अप्रैल रतलाम, जिस तेजी के साथ जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है और रतलाम मेडिकल कॉलेज पूरी तरह भर चुका है प्राइवेट अस्पतालों में कहीं जगह नहीं मिल पा रही है उसको देखते हुए प्रशासन को अति शीघ्र निर्णय लेकर रतलाम जिला चिकित्सालय मैं भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज प्रारंभ करना चाहिए। आज जिला चिकित्सालय में रतलाम मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों की स्थिति फुल होने के कारण 15 से ज्यादा मरीजों को टेंपरेरी तौर पर एक भवन में भर्ती करके रखा गया सिविल सर्जन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पूरी तरह फुल होने के कारण टेंपरेरी तोर पर मरीजों को रखा गया था और बाद में शाम को भेज दिया गया। स्थिति जिस कदर दिन पर दिन बदतर होती जा रही है उसको देखते हुए यह हालात रोज ही बनना है तो क्यों ना जिला चिकित्सालय के संसाधनों और डॉक्टरों का कोरोना मरीजों की गंभीरता को देखते हुए इस्तेमाल किया जाना चाहिए शहर के बीचोबीच होने से यहां सामाजिक संस्थाएं भी बढ़-चढ़कर सहयोग दे सकती है और यहां बेहतर माहौल में अच्छे तरीके से इलाज हो सकता है। वैसे भी बाल चिकित्सालय अलग है मैटरनिटी चिकित्सालय अलग है इस कारण जिला चिकित्सालय को कोविड-19 हॉस्पिटल बदलने में कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए जिले के स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस बारे में तुरंत विचार करना चाहिए।
