खबर पक्की :16 अप्रैल रतलाम, रतलाम सहित प्रदेश की सारी जनता को कोरोना के मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब खुद से होकर लॉकडाउन की मांग करना पड़ेगी क्योंकि अब यह सरकार के बस में नहीं है कि वह इस बीमारी को नियंत्रण में कर ले और लॉक डाउन करने की भी अब सरकार की मंशा नहीं है हर आदमी को सोचना होगा और कोरोना से बचने के जो उपाय हैं उन्हें अपनाना होगा नहीं तो इतनी तबाही मचेगी और इतनी मौतें होगी की आप सोच भी नहीं सकते। दोस्तों स्वास्थ्य सेवा एक ऐसी सेवा है जिसको रातों-रात नहीं बढ़ाया जा सकता ना तो रातों रात अस्पताल बन सकते हैं ना रातों-रात दवा की फैक्ट्रियां बनाई जा सकती है ना रातों-रात ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ सकती है ना रातों-रात डॉक्टर और नर्सों का इंतजाम हो सकता है चाहे आपके पास कितना भी पैसा क्यों ना हो अगर आप कोरोना से ग्रस्त हो गए तो किसी भी अस्पताल में इलाज नहीं मिलने वाला है इन सारी भयावह परिस्थितियों का आकलन प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक समाज को प्रत्येक उद्योगपति व्यापारी को सामाजिक संस्थाओं को अभी से कर लेना चाहिए और अभी से सरकार के समक्ष लॉकडाउन की मांग ताकत से उठाना चाहिए ऐसा ना हो कि मौका चूक जाए और हमें अपने आप की और अपने घर परिवार वालों की जान से हाथ धोना पड़े। हमारे लिए प्रत्येक जान महत्वपूर्ण है और अभी पहला लक्ष्य प्रत्येक जान को बचाना है और इसको बचाने का एकमात्र उपाय फिलहाल लॉकडाउन को 10 दिन के लिए और बढ़ाया जाना होना चाहिए ताकि मरीजों की बढ़ती तादाद को काबू में किया जा सके और जो मरीज है उन्हें सही तरीके से उपचार मिल सके यह खबर आपको इसीलिए प्रेषित की जा रही है ताकि आपको स्थिति की भयावहता से अवगत कराया जा सके और लॉक डाउन की मांग अभी से ताकत के साथ उठाने के लिए आप तैयार हो जाए क्योंकि अब बगैर मांगे लॉक डाउन नहीं मिलने वाला है और इस खबर को आप ज्यादा से ज्यादा दूसरे लोगों तक पहुंचा कर लॉक डाउन की मांग के लिए प्रेरित करें ताकि सरकार अभी से इस दिशा में सोचना शुरू करें नहीं तो देर हो जाएगी।
