खबर पक्की: 15 अप्रैल रतलाम, जिस तरह से पूरे प्रदेश और देश की खबरें आ रही है हर जगह दवाइयों के लिए इंजेक्शन के लिए ऑक्सीजन के लिए बेड के लिए इलाज के लिए जिस तरह मारामारी है। और जिस तरह मरीजों की तादाद बढ़ रही है तो सारी व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है और जगह की हालत को देखते हुए फिर भी तुलनात्मक रूप से रतलाम फिर भी बेहतर साबित हो रहा है लेकिन यहां पर भी मंदसौर नीमच धार झाबुआ बांसवाड़ा और उज्जैन जिला के मरीजों की तादाद काफी बढ़ जाने से और कोरोना मरीजों के इस अतिरिक्त भार के कारण सारी व्यवस्थाए धीरे-धीरे ध्वस्त होने की कगार पर पहुंचती जा रही है किसी को दवाई मिल रही तो इंजेक्शन नहीं मिल रहा है इंजेक्शन मिल रहा तो बेड नहीं मिल रहा बेड नहीं मिल रहा तो डॉक्टर नहीं देख रहा कहने का अभिप्राय यह है कि सरकार ने अपनी तरफ से बीमारी का अंदाजा लगाकर कोई व्यवस्था नहीं की और जब एकदम से व्यवस्था बिगड़ने लगी तो सरकार के हाथ पैर फूलना शुरू हो गए सरकार की अ दूरदर्शिता का ही परिणाम है कोरोना का इस तरह भयानक रूप धारण करना केंद्र सरकार ने भी अपनी बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए और वैक्सीन आने की खुशफहमी मैं देश को पूरी तरह अनलॉक कर भगवान भरोसे छोड़ दिया ना इलाज की व्यवस्था कि ना दवाइयों के उत्पादन पर ध्यान दिया जबकि कुदरत ने भरपूर अवसर दिया था और इतना लंबा लॉकडाउन लगाने के बाद भी अगर सरकार व्यवस्था नहीं कर पाए तो यह उसका पूरी तरह फेल होना साबित करता है। एक तरफ सारी सरकारें चुनाव चुनाव खेल रही है नेता लोगों के लिए कोरोना के नाम पर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं है चाहे चुनाव में जितनी बड़ी रैली करें मास्क लगाया तो ठीक नहीं लगाया तो भी ठीक वोट बैंक के लिए कुंभ का आयोजन करें और आस्था के इस महापर्व को कोरोना का महाकुंभ बना दे और जब बीमारी बढ़ जाए तो दोष भी जनता को ही दें। दोस्तों तात्कालिक रूप से सरकार चाहे जो दावे करें किंतु हालत बद से बदतर होती जा रही है सरकारी कर्मचारी कितने दबाव में काम कर रहे हैं आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते उनका फर्स्ट्रेशन आप पुलिस के डंडे में देख सकते है कोरोना से होने वाली मौतों को आप किसी भी तरह रोक नहीं पाएंगे क्योंकि जिस तादाद में मरीज बढ़ रहे है उस तादाद में व्यवस्था जुटाना असंभव है अतः सरकार से सिर्फ एक ही प्रार्थना है कि मरने वालों की मिट्टी ठीक तरीके से ठिकाने लग जाए तो कम से कम श्मशान में लकड़ी की व्यवस्था तो भरपूर कर दे। और लोगों से भी हाथ जोड़कर करबद्ध निवेदन कोरोना को हल्के में ना लें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग करें और वास्तव में कोरोना से बचना चाहते हैं और नींबू से कोई एलर्जी नहीं है तो कृपा करके हफ्ते में दो बार तीन बार तीन चार गिलास गर्म पानी सुबह नींबू डालकर पिए और गर्म पानी में नींबू डालकर उसकी भाप दिन में दो बार ले यह मैं अपने अनुभव से बता रहा हू मेरे घर में भी एक सदस्य को कोरोना हो गया था आरटी पीसीआर में टेस्ट पॉजिटिव था हमने तुरंत पेरासिटामोल मल्टीविटामिन और गर्म पानी नींबू देना शुरू कर दिया और साथ में गर्म पानी में नींबू डालकर उसके भाप का सेवन चालू कर दिया और चौथे दिन तो तब हुआ जब कोरोनावायरस कंट्रोल में आ गया यह बिल्कुल निरापद है और आप हर दिन अपने आप को कोरोना ग्रस्त समझकर यह लेते रहे तो कभी कोरोना आपको टच नहीं करेगा। मेरा अनुभव आपको बता दिया बाकी आपकी मर्जी
