खबर पक्की : 8 अप्रैल रतलाम, हम महिलाओं का सम्मान करते हैं और उसमें मां बेटी बहन का रूप देखते हैं लेकिन कोई महिला कितनी क्रूर हो सकती है यह हमने आज प्रत्यक्ष अनुभव किया जब रतलाम ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल ने हमारे द्वारा कोरोना मरीजों के लिए मंगाए गए जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमेडी सेविर को मरीजों को निशुल्क बांटने के लिए ना देते हुए बेचने के लिए केमिस्ट्र को उपलब्ध करवाने का आदेश दिया। पाठकों को ज्ञात होगा कि 3 अप्रैल को खबर पक्की में हमने एक समाचार लगाया था कि हजारों रुपए ब्लैक में बिकने वाला रेमेडी शिविर इंजेक्शन शांता देवी मेहता परिवार द्वारा महावीर इंटरनेशनल रतलाम के माध्यम से कोरोना मरीजों को 150 की संख्या में निशुल्क उपलब्ध करवाएंगे इसके पश्चात बहुत दानदाता सामने आए और हमने 1000 इंजेक्शन निशुल्क बांटने का फैसला किया किंतु बहुत खेद के साथ लिखना पड़ रहा है कि रतलाम ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल द्वारा 2 दिन पहले हमारे द्वारा मंगवाए गए 96 इंजेक्शन बरमैचा केमिस्ट मॉडर्न केमिस्ट गुप्ता केमिस्ट और पुष्पा वाधवा केमिस्ट को बेचने के लिए दिलवा दिया इसके पश्चात आज 8 तारीख को 96 इंजेक्शन कोठारी मेडिकल एजेंसी को प्राप्त हुए और 48 इंजेक्शन पथरिया मेडिकल एजेंसी को प्राप्त हुए जो हमारे द्वारा अग्रिम भुगतान पर आए थे हमारे द्वारा चैरिटी के लिए मंगाए गए इंजेक्शन को ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल ने हमें यह कहते हुए लेने से रोक दिया कि आप अपने मरीज जो कि 11 12 की संख्या में है उन सबको बराबर बराबर इंजेक्शन देंगे इस शर्त पर आप आधे इंजेक्शन ले सकते हैं हमने कहा कि यह संभव नहीं है हम चैरिटी के लिए इंजेक्शन मंगवा रहा है और जितने जिसको जरूरत है उतने हमें देना पड़ेगा और हम मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर की प्रिसक्रिप्शन पर मरीज की पूरी जानकारी लेकर ही चैरिटी में इंजेक्शन दे रहे हैं लेकिन सारिका अग्रवाल नहीं मानी और नहीं मानी हम अपने मरीजों को चैरिटी में इंजेक्शन देने के लिए 7:8 घंटे तक लगातार ड्रग इंस्पेक्टर से भीख मांगते रहे और अपना समय व्यर्थ बर्बाद करते रहे किंतु उस पर अपने ड्रग इंस्पेक्टर होने का इतना घमंड चढ़ा हुआ था कि इस विकट परिस्थिति में जब एक 1 मिनट मरीज के लिए कीमती है 8 घंटे बर्बाद करने के बाद भी उसने हमें इंजेक्शन नहीं लेने दिए इस संदर्भ में कलेक्टर गोपाल चंद्र डांड को भी अवगत करवाया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि नहीं अगर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन है तो आपको इंजेक्शन देने के लिए मेरे द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को बता दिया गया है और आप अपने चैरिटी के इंजेक्शन ले सकते हैं लेकिन शर्त यही रहेगी कि आप किसी बाहर के मरीज को नहीं देंगे हमने उनकी हर बात कबूल कर ली लेकिन उसके बाद भी ड्रग इंस्पेक्टर का यह रवैया यह साबित करता है कि उन्हें गरीब और बेबस बेसहारा मरीजों की चिंता नहीं है उन्हें चिंता है तो अपने मातहत आने वाले केमिस्ट दुकानदारों की जो इस विकट दुखद समय में भी चांदी काटने से बाज नहीं आ रहा है जब कोरोना निरंतर लगातार बढ़ रहा था और बढ़ रहा है तब ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जरूरी दवाइयों की आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुछ नहीं किया गया लेकिन दानदाताओं को अपने पैसे से इंजेक्शन मंगवाने के बावजूद वह इंजेक्शन बाजार में वितरित करने का निर्णय क्रूरता की पराकाष्ठा है हमारी खबर के बाद एक केमिस्ट द्वारा यह ऐलान किया गया था कि कोई भी सामाजिक संस्था अगर निशुल्क इंजेक्शन वितरण करना चाहे तो उसके द्वारा नो प्रॉफिट नो लॉस में इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे लेकिन उसका ऐलान सिर्फ ऐलान ही रहा क्योंकि हमारे द्वारा निशुल्क वितरण हेतु इंजेक्शन चाहने पर भी उसके द्वारा नहीं दिए गए इस संदर्भ हमारे द्वारा ड्रग केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जय छजलानी से भी बात की गई उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा अपना पक्ष रखा गया है लेकिन निर्णय जिला प्रशासन को लेना है अगर वह आपको आपके द्वारा मंगाए गए इंजेक्शन देता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है यह सब देखने सुनने के बाद हमारे द्वारा निर्णय लिया गया कि दान देने में आ रही इतनी परेशानियों को और उसमें प्रशासन और ड्रग इंस्पेक्टर का कोई सहयोग नहीं मिलने के कारण हम अपने मरीजों से ह्रदय से क्षमा प्रार्थी हैं जिन लोगों को पूर्व में इंजेक्शन वितरण किए गए और बाकी के इंजेक्शन हम नहीं दे पाए उसके लिए करबद्ध क्षमा चाहते हैं अब रतलाम की जनता को तय करना है कि निशुल्क निस्वार्थ सेवा देने वालों के मार्ग में आ रही इतनी बाधाओं का और ड्रग इंस्पेक्टर के इस घटिया रवैया के बावजूद क्यों कर दानदाताओं को अपनी सेवा चालू रखना चाहिए क्यों अपना समय श्रम और संसाधन इस पुनीत कार्य के लिए खर्च करना चाहिए जबकि कोई चाहता ही नहीं कि गरीबों की और मरीजों की सेवा हो इसका जवाब जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को देना चाहिए पुनः एक बार सभी दानदाताओं और मरीजों से हाथ जोड़कर ह्रदय से क्षमा प्रार्थी हैं और सेवा में आ रही इन दिक्कतों को जब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा हल नहीं कर लिया जाता तब तक यह सेवा स्थगित रहेगी साथ ही हमारी सेवा से निशुल्क इंजेक्शन प्राप्त करने वाले लाभान्वित मरीजों के परिजनों से भी निवेदन है कि वह इस खबर के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराएं कि हमने किसी भी मरीज से कोई किसी प्रकार का एक पैसा भी लिया हो या उन्हें इंजेक्शन देने में कोई शर्त लगाई हो एक साफ-सुथरी मानव सेवा का इस तरह अंत बहुत दुखद है धन्यवाद जय हिंद जय भारत
