खबर पक्की, 17 फरवरी, रतलाम। रतलाम स्थापना महोत्सव समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंख्ला में बुधवार को प्रगति के पथ पर मेरा रतलाम विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रुप में मौजूद नगर विधायक ने कहां रतलाम शहर और नागरिकों का समुचित विकास ही हमारा लक्ष्य है और आने वाले कुछ सालों में रतलाम नगर महानगर की श्रेणी में खड़ा होगा। उन्होने रतलाम शहर के विकास को लेकर किए जा रहे विकास कार्यो की सिलसिलेवार जानकारी दी।
स्थापना महोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस परिचर्चा का शुभारंभ नगर विधायक चेतन्य काश्यप, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ चार्टड एकाउन्टेंट एसएल चपलोत, वरिष्ठ शिक्षाविद् डाँ.मुरलीधर चांदनीवाला, वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी, समिति संयोजक मुन्नालाल शर्मा, अध्यक्ष प्रवीण सोनी, व मंगल लोढा आदि ने माँ.सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण कर दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यक्रम में स्थापना महोत्सव समिति के कार्यो की जानकारी संयोजक मुन्नालाल शर्मा ने देते हुए बताया कि छोटे से स्वरुप में इस महोत्सव की शुरुवात की थी जो आज वटवृक्ष का रुप ले चुकी है। उन्होने शहर और शहरवासियों की हित और विकास में नगर विधायक द्वारा किए जा रहे कार्यो की प्रंशसा करते हुए कहां कि हमारा सौभागय है कि हमे चेतन्य काश्यपजी जैसे जनप्रतिनिधि मिला है। जिन्होने विधानसभा में भी रतलाम शहर का मान बढ़ाया है।
बंसत पंचमी पर हो शासकीय अवकाश – रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रवीण सोनी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहां कि रतलाम का स्थापना महोत्सव हर साल एक त्यौहार और उत्सव की तरह मनाया जाए। इस तरह के आयोजन हर घर,मौहल्ले, कालोनी और चौराहों पर हो। घर-घर दीप प्रज्जवलित किए जाए और रियासतकालीन धरोहर पर आकर्षक विध्युत सज्जा की जाए। इस मौके पर प्रवीण सोनी ने नगर विधायक से आव्हान किया है कि हर साल बंसती पर रतलाम स्थापना दिवस पर शासकीय अवकाश की घोषणा की जाए।
शहर प्रबुध्धजनों के कारण जाना जाए – परिचर्चा के दौरान वक्ता डाँ.मुरलीधर चांदनीवाला ने कहां कि रतलाम का अपना इतिहास और गौरव रहा है। यहां राष्ट्रीय कवि प्रदीप रहे है। यहां डाँ.प्रभाकर माचवे,प्राणगुप्त रहे है। यही सागौद रोड़ स्थित आश्रम पर समर्थ महाप्रभु नित्यानंदजी, केशव बापजी और गुप्तानंदजी ने तपस्या की है। आज के लोगों को रतलाम की पहचान सिर्फ सेव,सोना, साड़ी,दालबाटी और नमकीन के कारण बनाई जा रही है जबकि यहां कई महापुरुषों ने अपनी सेवाएं दी है और निवास भी किया है। उन्होने कहां कि हम आज तक रतलाम की छवि को सही ढंग से प्रस्तुत नही कर पाए है। आज जरुरत है रतलाम के विकास में सहयोग किया जाए और इसे प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जाकर इसका वैभव व गौरव पुन: लौटाया जाए।
धरोहर को संजोए जाने की पहल हो – वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने इस अवसर पर रियासत कालीन धरोहर को सहेजनें की पहल करते हुए कहां कि पुरानी एतिहासिक धरोंहर को सहेजा जाए। उन्होने गुलाब चक्कर, पोलोग्राउण्ड आदि क्षेत्रों को योजनाबंद्ध तरीके से विकसित किया जाए और इनका स्वरुप लौटाया जाए। उन्होने राजमहल के अधिगृहण की भी पहल की है।
गरीबों से शुल्क वसूली बंद हो परिचर्चा के दौरान वरिष्ठ चाटर्ड एकाउन्टेंट एस.एल चपलोत ने वक्ता के रुप में नगर विधायक के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहां कि चेतन्य काश्यपजी की नेतृत्व में शहर प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है जो नागरिकों के लिए सौभागय का विषय है। उन्होने अपनी बात रखते हुए कहा कि शहर में सडक़ किनारे छुटकर व्यापार करने वाले गरीब फल,सब्जी आदि बैचने वालों से नगर निगम शुल्क वसूली करता है जो बंद की जाना चाहिए।
ये भी रहे उपस्थित- परिचर्चा के दौरान अतिथियों का स्वागत रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के सदस्य प्रदीप उपाध्याय, मोहनलाल धभाई,राजेश माहेश्वरी, रजनीश गोयल, आदित्य डागा, रामजी डोई,अशोक यादव, सुनील माली, हितेश कामरेड, ललित दख, राकेश नाहर,महेन्द्र मूणत, अनिल कटारिया,विनोद राठोर, राजेश कटारिया,सुनील, राजू हाकी,लक्ष्मीनारायण गेहलोत,राकेश परमार आदि ने किया।कार्यक्रम का संचालन मंगल लोढ़ा एवं आभार आदित्य डागा ने माना
रतलाम शहर का संपूर्ण विकास ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है : चैतन्य काश्यप
