खबर पक्की: 17 सितंबर नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली में फरवरी महीने में हुए दंगों को लेकर 17,500 पेज लंबी चार्जशीट फाइल की है, इसमें बस एक पक्ष के 15 लोगों के नाम हैं। इसके बाद जाने-माने पूर्व पुलिस ऑफिसर जूलियो रिबेरो ने फिर एक बार दिल्ली पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी इस दूसरी चिट्ठी में एक बार फिर दिल्ली दंगों में ‘बीजेपी के उन तीन नेताओं को दिए गए लाइसेंस’ पर सवाल उठाया है, जिनपर हिंसा के पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगे थे।
रिबेरो की पहली चिट्ठी पर दिल्ली पुलिस के चीफ एसएन श्रीवास्तव ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा था कि दंगों की जांच तथ्यों के आधार पर और न्यायपूर्ण तरीके से की जा रही है। इस सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 200 लोग घायल हुए थे। साथ ही करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
जूलियो रिबेरो ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, ‘मेरे पहले ओपन लेटर में कुछ संदेह उठाए गए हैं, जिनपर आपने बात नहीं की है। मैं समझता हूं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हेट स्पीच इस्तेमाल करने वाले इन तीन बीजेपी नेताओं को इसके लिए दिए गए लाइसेंस को जायज ठहराना मुश्किल, दरअसल नामुमकिन है। अगर हेट स्पीच देने वाले मुस्लिम या फिर वामपंथी होते तो पुलिस उनपर देशद्रोह का चार्ज लगा देती।
