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राजस्व अधिकारी जिले में फसलों की स्थिति पर सतत निगाह रखें, कलेक्टर ने समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

BySurendra Jain

Sep 7, 2020

खबर पक्की, 7 सितंबर, रतलाम। जिले के सभी राजस्व अधिकारी किसानों को राहत देने के लिए संवेदनशील के साथ कार्य करें, जो भी पात्र व्यक्ति है उन्हें राहत देने के लिए तत्काल प्रकरण बनाएं। अतिवृष्टि के अलावा कीट व्याधि या अन्य जो नुकसान जो आरबीसी के तहत आते हैं उनमें राहत प्रकरण तैयार कर किसानों को राहत दी जाए। यह निर्देश कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत संदीप केरकेट्टा, जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर द्वारा उपसंचालक कृषि से जिले में उर्वरक आपूर्ति की जानकारी चाही गई। उपसंचालक द्वारा बताया गया कि जिले में उर्वरक उपलब्धता अच्छी है, कोई समस्या नहीं है। कलेक्टर द्वारा स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत हितग्राहियों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण वितरित कराने के लिए निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जुट जाने के निर्देश दिए। साथ ही बैंकर्स को भी योजना के ऋण वितरण की तैयारी शत-प्रतिशत रूप से समय सीमा में करने के निर्देश दिए। नगर निगम रतलाम द्वारा 2640 हितग्राहियों को स्ट्रीट वेंडर योजना में लाभान्वित किया जा रहा है। जिले के अन्य नगरीय निकायों में भी योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत कलेक्टर द्वारा जिले के बाजना, जावरा तथा आलोट में कोविड-केयर सेंटर बनाने के निर्देश संबंधित एसडीएम को दिए गए, जहां पॉजिटिव पेशेंट भर्ती रखे जाएंगे। उपरोक्त तीनों स्थानों पर 50-50 पेशेंट क्षमता के कोविड सेंटर बनेंगे। कलेक्टर ने कोविड-केयर सेंटर पर भोजन, लेट-बाथ, उपचार इत्यादि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा शासकीय कार्यालयों में भी अधिकारियों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के कोविड-सैंपल टेस्ट करवाने के निर्देश दिए। बताया कि जिला पंचायत में 65 व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं सैंपल लिया गया है। कलेक्टर द्वारा खासतौर पर उन विभागों के फील्ड वर्कर्स के कोरोना सैंपल टेस्ट करवाने के निर्देश दिए गए जो निरंतर व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं।
सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की समीक्षा भी कलेक्टर द्वारा की गई। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की अधिकतर शिकायतों में उपचार नहीं मिलने, स्टाफ नहीं मिलने इत्यादि सम्मिलित हैं। इस प्रकार की शिकायतों को कलेक्टर ने गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि कार्यप्रणाली में कसावट लाते हुए हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण करे। आदिवासियों को वन भूमि के पट्टे प्रदान करने के लिए वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दावे स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा कलेक्टर द्वारा की गई। इस दौरान पाया गया कि सैलाना तथा बाजना क्षेत्र जहां जिले का 90 प्रतिशत कार्य किया जाना है, उन क्षेत्रों में प्रगति बहुत कमजोर है। कलेक्टर ने सीईओ जनपद सैलाना तथा बाजना से वीसी के माध्यम से चर्चा करते हुए कहा कि काम क्यों नहीं हो रहा है। तीन दिन में लक्ष्य पूरा किया जाना है, अलर्ट हो जाएं काम पूरा करें। बताया गया कि बाजना में ग्राम पंचायत स्तर पर 400 दावे सत्यापन के लिए लंबित हैं। इसी प्रकार सैलाना में 500 दावे सत्यापन के लिए लंबित पड़े हैं। कलेक्टर ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है, इसमें लापरवाही करने पर अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान पशु चिकित्सा सेवा विभाग की लंबित 100 दिवस से ऊपर की एक शिकायत के निराकरण के संबंध में उपसंचालक पशु चिकित्सा द्वारा बताया गया कि बाजना क्षेत्र के संबंधित व्यक्ति की शिकायत दूर कर दी गई है। मुर्गा-मुर्गियों का उपचार कर दिया गया है परंतु शिकायतकर्ता द्वारा वहां के वेटरनरी डॉक्टर को हटाने की मांग की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा शिकायत को फोर्स क्लोज करने के निर्देश दिए गए। लोक सेवा गारंटी स्कीम की समीक्षा में पाया गया कि तहसीलदार आलोट के तीन, ताल तहसीलदार के दो, बाजना तहसीलदार के दो तथा रतलाम शहर तहसीलदार के एक प्रकरण समय सीमा से बाहर हो गए हैं। इस पर कलेक्टर द्वारा सभी तहसीलदारों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में मकान क्षतिग्रस्त होने पर दी जाने वाली राशि तथा फसल के नुकसान की वास्तविक जानकारी प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 200 हेक्टेयर में फसलें पानी में बह गई हैं, इस संबंध में भी समुचित सर्वेक्षण द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बताया गया कि जिले के बाजना क्षेत्र माही नदी के आसपास, पिपलोदा में रोजड नदी के आसपास, जावरा में मलेनी नदी के आसपास के क्षेत्र में फसल पानी में बह गई हैं। कलेक्टर द्वारा तहसीलदारों को निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। साथ ही फसल कटाई प्रयोग भी समय पर करवाने के लिए निर्देशित किया। अंतर विभागीय प्रकरणों की जानकारी लेने के दौरान पीआईयू के अधिकारी ने बताया कि जिले के राजापुरा माताजी तथा कुंदनपुर में स्वास्थ्य विभाग के 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण स्वीकृत हैं, उनके लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है परंतु राजस्व विभाग द्वारा भूमि आवंटन नहीं किया गया है। कलेक्टर द्वारा संबंधित एसडीएम तथा तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि भूमि आवंटन संबंधी कार्रवाई तत्काल की जाए।
बैठक में महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अपने जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों पर सूरजना के पेड़ लगवाए जाएं जो पोषण से भरपूर होता है। इससे आंगनवाड़ी में आने वाले कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में मदद मिलेगी।

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