भोपाल। किसान आंदोलन के दौरान उपजे आक्रोश को पूरी तरह खत्म करने के लिए मप्र सरकार ने एक ओर प्रयास किया है, बुधवार को केबिनेट ने भावांतर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश में किसानों की उपज के विक्रय मूल्य और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की रकम का भुगतान सरकार करेगी। इसके लिए किसानों को योजना का लाभ लेने हेतु रजिस्ट्रेशन कराना होगा। फिलहाल कई किसान उपज खराब हो जाने की स्थिति में आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते है, इस पर रोक लग सकेगी। यह सुनिश्चित हो जाएगा कि किसान को समर्थन मूल्य जितनी रकम तो मिल ही जाएगी।
क्या है मुख्यमंत्री भावांतर योजना
मुख्यमंत्री भावांतर योजना के तहत फसल गिरदावरी मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त संपूर्ण डाटा एकत्रित किया जाएगा। जिसके लिए रेवन्यू केसेस मॉनीटरिंग सिस्टम अगले तीन महीने में सभी अविवादित नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन प्रकरण निराकृत हो जाएंगे। इससे प्राप्त जानकारी को सभी किसानों के बीच साझा की जाएगी।
योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों को प्रेरित करना है। राज्य कि नई योजना के तहत किसानों को उनके उत्पाद का लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
– योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है और आने वाले समय में आत्महत्या की दर में कमी करना है।
– विवादों के कई मामलों के लिए किसानों को सहायता प्रदान करना और सुनिश्चित करना कि सभी मामलों को पहले रिपोर्टिंग के 90 दिनों के भीतर संबोधित किया जाना चाहिए।
– योजना प्रमुख लक्ष्य है कि किसानों को अपने खेतों में कुछ दालों, तिलहन और बागवानी फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
योजना प्रमुख तत्व
योजना की घोषणा राज्य मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आकाशवाणी से प्रसारित कार्यक्रम‘दिल से’ में किसानों के साथ सीधी बात कर की थी।
- योजना के तहत जल्द ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिसमें प्रति वर्ष खसरा की नकल की प्रतिलिपि नि:शुल्क किसानों को उपलब्ध कराई जाए।
योजना के तहत किसान को बताया जाएगा की वह कौन सी फसल कितने रकबे में बोए।
- औसत उत्पादन की गणना कर समर्थन मूल्य और विक्रय मूल्य के अंतर की राशि को सीधे किसानों के खातों में डालने की व्यवस्था होगी।
- फसल गिरदावरी मोबाइल ऐप किसानों और उनके उत्पादन के बारे में एकत्रित की जाएगी।
- फसल की लाभकारी कीमतों का सुझाव मध्य प्रदेश कृषि उत्पाद लागत और विपणन आयोग द्वारा तय किया जाएगा।
- यह योजना सुनिश्चित करेगी कि विस्पाथन,जमीन की सीमा और उत्परिवर्तन से संबंधित मामलों को तीन महीने के भीतर संपादित किया जाएगा।
योजना के फायदे
योजना के तहत मिलने वाली समर्थन मूल्य और बिक्री की कीमत के बीच अंतर सीधे राज्य सरकार द्वारा किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत अगर किसान दावा करते है तो तीन महीने के बाद उनका मामला अविवादित होने के बाद भी लंबित होगा। सरकार उस किसान को सम्मानित करेगी और संबंधित कर्मचारी से इनाम के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाई भी की जाएगी।
- ये योजना सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनके उत्पाद के लाभकारी मूल्य मिले।
