खबर पक्की: 16 अगस्त नई दिल्ली,फेसबुक पर बीजेपी पर मेहरबानी दिखाने का आरोप लगा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक सवालों के घेरे में है। उस पर अपने बिजनेस के चलते बीजेपी से जुड़े लोगों और ग्रुप की नफरत भरी बातों पर रोक न लगाने का आरोप लगा है. दावा है कि हिंसा भड़काने या इसमें शामिल होने को लेकर फेसबुक के अंदर से ही शिकायत हुई थी। लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं हुई। अमेरिका के अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में ये आरोप लगाए हैं। अखबार ने भारत में फेसबुक की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास को कटघरे में खड़ा किया है। अपने ऊपर लगे आरोपों पर अंखी दास का अब तक जवाब नहीं आया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि अंखी दास ने अपने स्टाफ से कहा कि बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई करने से भारत में कंपनी के कारोबार की संभावनाओं को नुकसान होगा। भारत यूजर्स के लिहाज से फेसबुक का सबसे बड़ा मार्केट है। भारत में फेसबुक के लगभग 34 करोड़ यूजर्स हैं।
बीजेपी विधायक टी राजा सिंह की पोस्ट का जिक्र
अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में तेलंगाना बीजेपी विधायक टी राजा सिंह की कथित हेट स्पीच का जिक्र किया है। राजा सिंह भड़काऊ और विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं. अखबार ने लिखा है कि फेसबुक के नियमों के तहत बीजेपी विधायक को बैन किया जाना चाहिए था। इसके लिए ‘खतरनाक व्यक्ति और संगठन’ नाम से फेसबुक की नीति भी है।
इस नीति के तहत संगठित घृणा, सामूहिक हत्याकांड, हेट क्राइम और आतंकी हमलों का समर्थन करने वाली सामग्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इसी साल दिल्ली के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में हुए दंगों को फेसबुक ने इसी नीति के तहत हेट क्राइम में रखा था। इसी तरह साल 2018 में श्रीलंका में हुए दंगे भी इस नीति के तहत रखे गए थे।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा है कि उसकी पूछताछ के बाद फेसबुक ने राजा सिंह की कुछ पोस्ट को डिलीट भी किया है। साथ ही फेसबुक ने ये भी कहा कि राजा सिंह का फेसबुक पर आधिकारिक अकाउंट नहीं है। वहीं टी राजा सिंह ने भी ऐसी ही बातें की हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम से बहुत से पेज चल रहे हैं। लेकिन उनका कोई आधिकारिक पेज नहीं है। बाकी पेज पर क्या जाता है, इसके लिए वो जिम्मेदार नहीं है।
दावा- बिजनेस के चलते फेसबुक ने BJP से जुड़े लोगों के नफरती बयानों पर एक्शन नहीं लिया
