उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग के रिकार्ड रूम में रविवार सुबह करीब 9 बजे भीषण आग लग गई। आगजनी में सैकड़ो की संख्या में छात्रों का परीक्षा रिकार्ड और पीएचडी थीसिस जल गए है, इसके अलावा आग बुझाने के प्रयास में पानी से भी यह रिकार्ड खराब हो गया। गोपनीय विभाग का रिकार्ड रूम विश्वविद्यालय का बहुत ही अहम हिस्सा है और यहां पूरे विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के विद्यार्थियों का लेखा-जोखा मौजूद रहता है।
सुबह करीब 9 बजे कर्मचारियों ने जैसे ही रिकार्ड रूम से धुआं उठते देखा तत्काल ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती इससे पहले कैंपस में रहने वाले शिक्षकों व कर्मचारियो ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। रिकार्ड रूम में कागज भरे पड़े होने के कारण आग पर काबू पाने में करीब 2 घंटे लग गए। इस बीच कुलपति व कुलसचिव डा. परीक्षित सिंह भी यहां पहुंच गए थे। एनएसयूआई ने रिकार्ड रूम में आगजनी की इस घटना को साजिश करार दिया है। एनएसयूआई का आरोप है कि गोपनीय विभाग से पिछले कुछ दिनों से लगातार उत्तरपुस्तिकाएं गायब हो रही थी, इस प्रकरण को दबाने के लिए ही यह आगजनी की गई है।
