खबर पक्की:17 जुलाई शाजापुर,। एक दिन पहले जिस घटना को लूट की घटना बताया जा रहा था वह दरअसल टैक्स चोरी करने के लिए रची गई साजिश निकली जिसका खुलासा एसपी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने महज चौबीस घंटे में कर दिया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस मामले में शुक्रवार को सीसीटीवी कंट्ररेल रुम पर आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी ने मामले की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि 15 जुलाई को लालघाटी पुलिस को सूचना मिली थी कि लालघाटी बायपास पर एक व्यक्ति के साथ 18 लाख रुपए की लूट हो गई है। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तो फरियादी ने बताया कि वह राजगढ़ से 18 लाख रुपए लेकर अपनी मारुति ब्रेजा कार में इंदौर जा रहा था कि बीच रास्ते में बाईपास पर एक काले रंग की बोलेरो ने उसको ओवरटेक कर गाड़ी रोक कर कनपटी पर पिस्तौल अड़ाकर 18 लाख लूट लिए। घटनास्थल थाना कोतवाली का पाए जाने से तत्काल थाना प्रभारी कोतवाली अजीत तिवारी को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने घटना के संबंध में पता किया तो की गई फरियादी और उसके दोस्त राजपाल द्वारा घटना के संबंध में अलग-अलग विवरण देने से घटना संदिग्ध पाई गई। हालांकि पुलिस ने धारा 392 के तहत प्रकरण भी दर्ज कर लिया। जब जांच की गई तो पता चला कि घटना वाले दिन एक नंबर से राजपाल द्वारा लगातार चर्चा की गई थी जो नंबर हेमंत अग्निहोत्री निवासी नागदा हाल मुकाम रविंद्र नगर उज्जैन का पाया गया। घटना के संबंध में साइबर सेल के आरक्षक रामपाल, राजेश दांगी एवं थाना शहर कोतवाली के आरक्षक जसवंत, कपिल, आरक्षक विकास ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। पुलिस ने टोलटैक्स के फुटेज भी चेक किए जिसमें स्पष्ट हो गया कि फरियादी की कार के पीछे 1 घंटे तक कोई भी काले रंग की स्कार्पियो कार नहीं निकली है। इससे स्पष्ट हुआ कि फरियादी घटना के संबंध में कुछ छुपा रहा है। इस पर पुलिस ने जब अपने तरीके से पूछताछ की तो उसने घटना के बारे में स्वीकार किया और बताया कि कर्जा होने से उसके द्वारा फर्जी लूट की घटना की रिपोर्ट की गई थी और 18 लाख रुपए अपने परिचित उज्जैन के हेमंत अग्निहोत्री निवासी रविंद्र नगर को मक्सी बाईपास पर बुलवाकर देना बताया। पुलिस टीम द्वारा आरोपी रिजवान पिता अब्दुल रज्जाक निवासी इंदौर एवं उसके साथी राजपाल निवासी इंदौर को गिरफ्तार कर तत्काल उज्जैन दबिश देकर हेमंत अग्निहोत्री को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से 18 लाख रुपए नगद बरामद किए गए।
इन्होंने निभाई अहम भूमिका, एसपी ने की ईनाम की घोषणा
चौबीस घंटे में घटना का खुलासा करने में एसडीओपी एके उपाध्याय, थाना प्रभारी कोतवाली टीआई अजीत तिवारी, थाना प्रभारी लालघाटी मनीष दुबे, उनि सौरभ शर्मा, उनि प्रेमलता खत्री, आरक्षक विकास तिवारी, आरक्षक रामपाल, प्रदीप सिकरवार, कृष्णपाल, राजेश दांगी, अनिल सक्सेना, अरविंद, राजेंद्र सिसौदिया, योगेंद्र, जसवंत जाटव, कपिल नागर, प्रदीप सिकरवार, साइबर सेल का उल्लेखनीय योगदान रहा। जिन्हें एसपी ने अलग से पुरस्कृत करने की घोषणा की।
पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई राज
फर्जी बिल और बिना बिल्टी के सरिया बेचकर शासन को लाखों रुपये की चपत लगाने वाले मास्टर माइंड राजपाल और रिजवान की लूट की कहानी का पर्दाफाश हो गया। पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव और थाना प्रभारी अजीत तिवारी की सजगता और सूक्ष्म जांच के चलते लूट की फर्जी कहानी बनाने वाले फरियादी ही आरोपी निकले। गुजरात बॉर्डर के लिमड़ी गांव के बबलू, जयेश, जगदीश नायक अन्य के माध्यम से फर्जी बिल बिल्टी के माध्यम से सरिया गाड़ियों के परिवहन का सिंडिकेट चलाने वालों की गिरफ्तारी के बाद सूत्रों से कई मामले सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि गुजरात के अंकलेश्वर में रिजवान का बड़ा दबदबा है। हवाला से लेकर बिना बिल के गाड़ियों को निकालने में माहिर रिजवान के साथी राजपाल पर भी इंदौर के एयरपोर्ट थाने में मुकदमा दर्ज है। जीएसटी, इंकम टैक्स विभाग के आला अधिकारियों को अपनी जेब मे रखने का दावा करते वाले इन शातिरों की भावनगर में भी ऊंची पैठ है। भावनगर से निकलने वाली सरिया गाड़ियों को मध्यप्रदेश में लाने वाले इन दोनों मास्टर माइंड से पूछताछ में कई सनसनीखेज मामलों पर से पर्दा उठ सकता हैं।
टैक्स बचाने के लिए रची झूठी साजिश, खुद के जाल में फंस गए फरियादी* मामला 18 लाख की लूट का
