रतलाम। जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने आए रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री दीपक जोशी को गुरूवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 50 हजार रूपए रिश्वत देने की कोशिश की, दरअसल ये लोग सीएमएचओ डा. प्रभाकर नानावरे की शिकायत लेकर प्रभारी मंत्री के पास पहुंचे थे। प्रभारी मंत्री ने इनके आरोपों को सुना और जांच कराने की बात कही।
स्टाफ नर्स के रूप में काम करने वाली आदिवासी महिला विष्णुकांता पति अनिल कटारिया का 10 जुलाई को मंदसौर से रतलाम सीएमएचओ के अधीन स्थानांतरण हुआ है। रतलाम में ज्वाइन करने के बाद से ही विष्णुकांता को सीएमएचओ डा. प्रभाकर नानावरे द्वारा पोस्टिंग नहीं दी गई है। गुरूवार दोपहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रभु राठौर की अगुवाई में कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जियोस की बैठक में भाग लेने के लिए जैसे ही प्रभारी मंत्री यहां आए तो कांग्रेसियों ने 50 हजार रूपए के नोट उनके आगे कर दिए। कहा- सर, पोस्टिंग के लिए सीएमएचओ 50 हजार रूपए रिश्वत मांग रहे है, वे कहते है कि मुझे प्रभारी मंत्री को भी रूपए देने पड़ते है। इसलिए ये रूपए आप ही सीधे रख लिजिए और पोस्टिंग दिलवा दिजिए। हालांकि प्रभारी मंत्री जोशी ने इस संवाद को हल्के में लिया और कहा- मैं इस मामले की जांच करवाउंगा, यदि सीएमएचओ दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला अस्पताल में पोस्टिंग मांग रही थी नर्स
इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी(सीएमएचओ) डा. प्रभाकर नानावरे का कहना है कि उक्त नर्स की पोस्टिंग आलोट क्षेत्र में हुई, वे जिला मुख्यालय पर अपनी पोस्टिंग मांग रही थी। इसके लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। जब उन्हें नियमानुसार काम करने को कहा गया तब उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर मुझ पर झूठे आरोप लगाना शुरू किए। उनके आरोप निराधार है।
