रतलाम। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने मंगलवार को जिले के जावरा क्षेत्र के ढोढर, कालूखेड़ा तथा बडायला माताजी में गेहूं खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी भी साथ थे।
गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर कलेक्टर द्वारा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए किसानों से चर्चा भी की गई। कालूखेडा में लगभग 200 ट्रालियां तुलवाई के लिए बची थी। कलेक्टर ने शत-प्रतिशत ट्रालियों की तुलवाई के निर्देश दिए। उपस्थित एसडीएम राहुल धोटे ने बताया कि किसानों के लिए दोनों समय भोजन, पानी तथा चाय की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा अपने वाहन में साथ लाए गए नींबू पानी के कंटेनर से खरीदी केंद्रों पर उपस्थित किसानों, हम्मालो को नींबू पानी उपलब्ध कराया गया। अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील पाटीदार द्वारा भी जिले के ताल तथा कसारी गेहूं खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया, किसानों से चर्चा की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य के तहत 26 मई तक 2 लाख 7 हजार मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई, गत वर्ष 61 हजार मेट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष 31308 किसानों से गेहूं खरीदा गया है।
शहरी स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया
रतलाम के समीप शहरी स्वास्थ्य केन्द्र दिलीप नगर का आकस्मिक निरीक्षण सीएमएचओ डा. प्रभाकर ननावरे द्वारा किया गया। उन्होंने टीकाकरण का कवरेज शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ द्वारा टीकाकरण सत्र का संचालन किया जाना पाया गया।
स्वास्थ्य केन्द्र दिलीपनगर में स्टाफ नर्स पिछले दो माह से अनुपस्थित पाई गई है, इसके लिए संबंधित स्टाफ नर्स को स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। शहरी स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ लेब टेक्नीशियन को सभी मरीजों की आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए गए है। शहरी स्वास्थ्य केन्द्र पर पदस्थ चिकित्सक को बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की अधिक से अधिक जांच और आवश्यक उपचार किए जाने के निर्देश दिए गए। चिकित्सक को कम से कम 75 मरीज प्रतिदिन ओपीडी संचालित करने के निर्देशित किया गया। मानिटरिंग के दौरान जिले के डीपीएम डा. अजहर अली तथा एम एंड ई अधिकारी राकेशसिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे ।
इसी प्रकार जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिलपांक में डीएचओ डा. जी.आर. गौड तथा एपिडेमियोलाजिस्ट डा. गौरव बोरीवाल द्वारा निरीक्षण किया गया। सीबीएमओ बिलपांक डा. प्रतिभा शर्मा द्वारा फीवर ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। ‘सारीÓ अर्थात सीवीयर एक्युट रेस्पीरेटरी ईलनेस में बुखार, श्वसन समस्या, जिसमें मरीज को भर्ती होने की जरूरत हो, ऐसे लक्षण सम्मिलित है । ‘आईएलआईÓ एंफलुएंजा लाईक इलनेस में बुखार और सूखी खांसी की सामान्य समस्या पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सारी और आईएलआई के मरीजों की स्क्रीनिंग कर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है । रतलाम जिले के 26 स्वास्थ्य केन्द्रों को फीवर क्लिनिक के रूप में चिन्हित किया गया है। सीएमएचओ डा. प्रभाकर ननावरे ने अपील की है कि बुखार के साथ श्वसन संबंधी समस्या होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें ।
कलेक्टर ने जावरा क्षेत्र के गेहूं खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया
