खबर पक्की :22 मई नई दिल्ली, कोरोनावायरस (Coronavirus) से जंग के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बार फिर रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट व ब्याज दर में कटौती की है। इतना ही नहीं, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने आज (शुक्रवार) मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अनुमान जताते हुए कहा कि 2020-21 में ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) नेगेटिव में जा सकती है, आमतौर पर मोदी सरकार ऐसे स्टेटमेंट पसंद नहीं करती है, कहीं ऐसा ना हो कि इस स्टेटमेंट के कारण उनकी आरबीआई से विदाई हो जाए। उन्होंने कहा, ‘2020-21 में GDP ग्रोथ नेगेटिव रहने का अनुमान है। मानसून के सामान्य रहने का अनुमान है। दालों की कीमत में उछाल चिंता का विषय है। कृषि उत्पादन से सबको लाभ मिलेगा. WTO के मुताबिक, वैश्विक व्यापार 13 से 32 फीसदी तक घट सकता है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘रेपो रेट को कम किया जा रहा है। RBI ने 40 आधार अंक की कटौती की है। अब रेपो रेट चार फीसदी हुआ। मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण अत्यधिक अनिश्चित है। आरबीआई ने रिवर्स रेपो दर को घटाकर 3.35 प्रतिशत कर दिया है। यह उम्मीद की जाती है कि राजकोषीय और प्रशासनिक उपायों से 2020-21 की दूसरी छमाही में गति मिलेगी।’ रेपो रेट में कटौती से उम्मीद की जा रही है कि अब लोन सस्ते हो सकते हैं।
गवर्नर ने कहा, ‘छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत कटौती के पक्ष में 5:1 से मतदान किया। भारत में मांग घट रही है, बिजली, पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट, निजी खपत में गिरावट दर्ज की जा रही है। COVID-19 के प्रकोप के कारण निजी उपभोग को सबसे ज्यादा झटका लगा है। निवेश की मांग रुकी है। कोरोना के प्रकोप के बीच आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण सरकार का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हुआ है।’
