रतलाम। कांग्रेस नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष डी.पी. धाकड़ की जमानत पर सोमवार को हाइकोर्ट में कोई फैसला नहीं हो सका है। कोर्ट द्वारा जमानत याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ाने के बाद अब डी.पी. धाकड़ की जिला पंचायत की सदस्यता पर भी संशय की स्थिति बन गई है। फिलहाल यह तय हो गया है कि डीपी धाकड़ 16 अगस्त को होने वाली जिला पंचायत की बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे, उनकी सदस्यता को रद्द करने के लिए यह बड़ा आधार बन सकता है।
सोमवार को हाइकोर्ट में डीपी धाकड़ की जमानत के लिए एड्वोकेट के एल पुरोहित, कैलाश धाकड़ की ओर से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। कोर्ट ने इस पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी है। नई तारीख का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। जिला न्यायालय से भी डी.पी. धाकड़ के जिला पंचायत की बैठक में शामिल होने के लिए अनुमति चाही गई थी लेकिन इसे खारिज कर दिया गया है। गौरतलब है कि मप्र पंचायती राज अधिनियम के तहत यदि कोई सदस्य लगातार 3 बैठकों में अनुपस्थित रहता है तो उसकी सदस्यता को रद्द कर कर दिया जाता है।
सरकार भी यहीं चाहती है…!
जिला पंचायत उपाध्यक्ष रहते हुए डीपी धाकड़ ने पूरे मध्यप्रदेश में पंचायती राज आंदोलन की शुरूआत की है। डीपी ही इस आंदोलन के संयोजक है। आंदोलन ने मध्यप्रदेश सरकार की खासी छबि खराब की है लिहाजा अब सरकार में बैठे कुछ लोग भी यहीं चाहते है कि डेलनपुर आंदोलन के प्रकरण की आड़ में डीपी की सदस्यता रद्द कर दी जाए। इनका मानना है कि यदि ऐसा होता है तो पूरे प्रदेश में ही पंचायती राज आंदोलन को कमजोर करने में मदद मिल सकेगी।
