रतलाम। महाराष्ट्र-गुजरात में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों को विशेष ट्रेनों से वापस लाया जा रहा है। रतलाम को इंट्री पॉइंट बनाते हुए श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार सुबह 7 बजे रतलाम पहुंची। करीब 1200 मजदूर रतलाम पहुंचे। ये बड़वानी, धार, खंडवा, इंदौर अन्य जिलों के हैं। इन्हें रतलाम स्टेशन पर उतारने के बाद स्वास्थ्य जांच कर मास्क, सैनिटाइजर, भोजन पैकेट देकर बसों से रवाना किया गया।
गौरतलब है कि 5 श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन रतलाम तक परिचालित की जाएंगी। यह सिलसिला 8 मई से 12 मई तक चलेगा और 5000 मजदूरों को वापस मध्यप्रदेश लाया जाएगा।
केरल में फंसे 32 जिलों के मजदूर पहुंचे विदिशा
इस विदिशा में लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों में फंसे लोगों को ट्रेन के जरिये वापस लाया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह केरल से आई एक ट्रेन विदिशा पहुंची। जिसमें 1200 यात्री सवार थे। यह यात्री प्रदेश के 32 जिलों के रहने वाले बताए गए है। कोरोना के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। एक एक बोगी से उतारकर पहले उनकी स्क्रीनिंग की गई फिर उन्हें बस में बिठाकर अलग अलग जिलो के लिए रवाना किया गया। पहली बस श्योपुर के लिए रवाना हुई।
यात्रियों ने इस ट्रेन में किसी तरह का कोई किराया नही लेने की बात की है। यात्रियों ने वापसी के लिए प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। ट्रेन से पहुंचने वाले लोगो मे बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल है।
कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने बताया कि शुक्रवार को विदिशा 3 ट्रेन पहुचेगी। पहली ट्रेन केरल से पहुंच चुकी है। दूसरी ट्रेन 9 बजे महाराष्ट्र के अहमदनगर से विदिशा पहुंचेगी।वही तीसरी ट्रेन रात 8 बजे हैदराबाद से विदिशा आएगी। सभी ट्रेनों में 1200 यात्री सवार है। इन यात्रियों को विभिन्न जिलों में निजी बसों के जरिये भेजने के इंतजाम किए गए है।
उम्मीदों की श्रमिक एक्सप्रेस पहुंची छतरपुर,1100 मजदूरों के चेहरे पर आई खुशी नजर
छतरपुर में श्रमिक एक्सप्रेस नई दिल्ली से चलकर आगरा झांसी होते हुए सुबह 7 बजे पहुंचे छतरपुर रेलवे स्टेशन लगभग 1100 मजदूर पहुंचे। छतरपुर जिले सहित कई अन्य जिले के मजदूर श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आए हैं। 10 मेडिकल टीमों ने सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग,सोशल डिस्टेंस का मजदूरों ने किया पालन सभी मास्क लगाए आए। इस दौरान कलेक्टर शीलेंद्र सिंह,जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चंद्र,एसपी कुमार सौरभ,एएसपी समीर सौरभ, एसडीएम छतरपुर,बिजावर,लवकुशनगर सहित रेलवे विभाग के अधिकारी कर्मचारी पुलिस प्रशासन रहा मौजूद।
टिकट का पैसा मजदूरों को नहीं लगा
मजदूर जिस क्वॉरेंटाइन सेंटर मेथी वहां के अधिकारियों ने उन्हें टिकट सौंपा। कहीं-कहीं मजदूरों को पुलिस कर्मचारियों ने टिकट दिए और कोई राशि नहीं ली। 390 रुपए टिकट पर अंकित था जो रेलवे विभाग का था। मजदूरों को यह पता नहीं था कि उनके लिए टिकट की व्यवस्था कहां से की गई है। जब वह नई दिल्ली से बैठे तो उन्हें खाने का पैकेट दिया गया था। छतरपुर स्टेशन पर उतरते ही उन्हें पुनः एक-एक खाने का पैकेट दे दिया गया।
महाराष्ट्र, गुजरात, केरल से रतलाम-विदिशा पहुंचे कई मजदूर
