खबर पक्की: 1 मई रतलाम, पंजाब में नांदेड़ से लौटे श्रद्धालु कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के लिए बड़ी टेंशन बनकर उभरे हैं। पर इन श्रद्धालुओं ने रतलाम जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन व रतलाम के लोगों की भी नींद उड़ा दी है क्योंकि इन श्रद्धालुओं से भरी बसों में 50 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं यह बसे -तीन चार दिन पहले रतलाम में सालाखेड़ी पर खाना लेने के लिए रुकी थी और रतलाम के कई सेवाभावी लोग उनके संपर्क में आए हैं जिन्होंने श्रद्धालुओं को खाना दिया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नांदेड़ से लौटे 50 श्रद्धालु कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह कोरोना पॉजिटिव पंजाब के 22 जिलों में से दस जिलों में पाए गए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह पंजाब में कोरोना के 35 नए मामले सामने आए हैं। इससे यहां कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 357 तक पहुंच गई है। इसमें से 90 लोगों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है और 19 लोगों की मौत हो गई है। वहीं बुधवार को राज्य के विभिन्न जिलों से संक्रमण के 33 मामले सामने आए, जिसमें से नए संक्रमितों में महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे से लौटे 23 सिख श्रद्धालु शामिल हैं।
श्रद्धालुओं को महाराष्ट्र से वापस लाने में कई लापरवाही बरतीं गई हैं। इसमें सबसे पहले महाराष्ट्र से लाते वक्त श्रद्धालुओं का कोई कोरोना टेस्ट नहीं किया गया। इतना ही नहीं एक बस में 40-40 लोगों को लाया गया, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। बताया जा रहा है कई श्रद्धालु तो अपनी कार किराए पर लेकर 1800 किलोमीटर का सफर रुकते-रुकते तय किया है। इतना ही नहीं पंजाब सरकार ने सभी श्रद्धालुओं को एक जगह रोक कर ना तो सभी के टेस्ट कराए बल्कि सभी को उनके घर भेज दिया। इसके चलते आने वाले दिनों में पंजाब में कोरोना मरीजों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। यह वहीं पंजाब है जिसकी शुरुआत में कोरोना से लड़ाई में खूब तारीफ हो रही थी क्योंकि उसने नियमों को सख्ती से लागू किया था। जो होना था वह तो हो चुका अब तो वाहेगुरु से बस प्रार्थना ही कर सकते है की है वाहेगुरु रतलाम के सेवाभावी लोगों को सेवा के बदले संक्रमण ना मिला हो। उनकी रक्षा करना।
वाहेगुरु रक्षा करना नांदेड़ से पंजाब जाने वाले तीर्थयात्रियों की बसें रतलाम में खाना लेने रुकी थी जिसमें 50 कोरोना संक्रमित थे
