खबर पक्की : 21अप्रैल रतलाम, रतलाम मंडी सचिव द्वारा की जा रही मनमानी, अपने चहेतों व्यापारियों को दिलाया जा रहा है आर्थिक लाभ उक्त आरोप ग्रेन एंड सीड्स व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र चत्तर ने लगाया है
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी की चुनौतीपूर्ण घड़ी में जहां पूरी दुनिया का इंसान डरा हुआ और अनेक तरह के मानसिक तनाव से जूझ रहा है ऐसे समय में मुझे दुख के साथ लिखना पड़ रहा है कि मंडी सचिव श्री वारसे जी द्वारा अपनी मनमानी करते हुए मंडी व्यापारियों एवं कई किसानों के मोबाइल अटेंड नहीं करते हैं वहीं दूसरी और संस्था के सदस्य व्यापारियों द्वारा कृषि उपज खरीदी हेतु परिचय पत्र पास उपलब्ध कराने हेतु मोबाइल लगाने पर उनका मोबाइल तत्काल काट देते हैं$ । यह सारा षड्यंत्र एक और जहां छोटे और मध्यम व्यापारियों की रोजी-रोटी पर प्रहार करना है वहीं दूसरी और कुछ चुनिंदा व्यापारियों के माध्यम से किसानों को उनकी उपज औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर करना तथा उन व्यापारियों को अतिरिक्त लाभ पहुंचाना है । रतलाम मंडी ए श्रेणी की मंडी है जहां करोड़ों रुपयों की कृषि उपज लाने वाले कृषक उत्पादकों तथा छोटे और मध्यम व्यापारियों को सचिव महोदय के व्यवहार से भारी क्षति पहुंच रही है । अपने पंसद के कुछ चुनिंदा व्यापारियों को छोड़ शेष व्यापारियों में अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर भय उत्पन्न करते हुए उन्हें ब्लैकमेल करना ताकि कोई इनका विरोध करने का साहस नहीं जुटा सके। सरकार की छवि धूमिल करने वाले ऐसे मंडी सचिव महोदय को तत्काल हटाया जाए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से जनहित में मंडी व्यापारियों द्वारा उक्त मामले में मंडी सचिव के कार्यकलाप की मुख्यमंत्रीश्री शिवराजसिंह चौहान को जिलाधीश महोदय के हस्ते ज्ञापन सौपा गया । मंडी सचिव द्वारा अपना निजी हित साधते हुए मध्यवर्गीय व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिससे मंडी व्यापारियों में रोष व्याप्त है । द ग्रेन एंड सीड्स मर्चेेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र चत्तर ने उक्त आरोप लगाते हुए ज्ञापन में मंडी सचिव को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग करते हुए सभी व्यापारियों को पास जारी करने आग्रह है किया ।
उक्त मामले में श्री चत्तर द्वारा मंदसौर जिले की पिपलिया मंडी द्वारा खरीदी हेतु व्यापारी को दिए गए परिचय पत्र की छाया प्रति आपकी और प्रेषित भी की गई है यह ऐसा समय है जहां प्रतिवर्ष रतलाम मंडी में लगभग 20000 बोरी गेहूं जो ऊंचे में 3000 क्विंटल तक बिकता है। लगभग 10000 बोरी चना रतलाम मंडी में आता है जिसमें डॉलर चना जोकि एक्सपोर्ट होता है तथा लहसुन प्याज सोयाबीन तुवर आदि अन्य फसलों का समय है। लहसुन और प्याज के लगभग 15000 कट्टे प्रतिदिन की आवक के प्रचुर उत्पादन के खरीददार छोटे मध्यम सभी व्यापारियों को तत्काल बिना विलंब खरीदी हेतु परिचय पत्र पास दिलवाए जाए। ताकि वह किसानों से सीधे उनके घर जाकर सौदा कर सके और मंडी प्रांगण में लाकर तौल करवा सके। सौदों के माल का तोल मंडी प्रांगण में होने से सभी के लिए सुविधाजनक रहेगा। मंडी सचिव द्वारा उक्त सुझावों की अनदेखी करते हुए रतलाम मंडी की विशाल पैमाने पर होने वाली आवक को अप्रत्यक्ष रूप से कुछ स्वार्थी लोगों के भरोसे छोडऩे जैसा हो जाएगा। आज सारे देश में दानदाता जहां एक और करोड़ों रुपया मुक्त हस्त से दान के रूप में दे रहे हैं वहीं दूसरी और कई लोगों को अपनी जेब भरने के सुनहरा मौका मिल गया है । मौसम और मानसून अच्छा रहने से इस वर्ष तो पिछले वर्ष से ज्यादा और बंपर तथा श्रेष्ठ क्वालिटी की कृषि उपज का उत्पादन हुआ है। इस हेतु समाचार पत्र आदि माध्यमों से किसानों को जानकारी दी जाए कि वे निश्चिंत रहे। खरीददार, क्रेता, व्यापारी उनके घर आकर उनकी उपज खरीदेगा वे नगद तथा पक्के दामो पर अपना माल बेच सके।
मंडी सचिव की कार्यप्रणाली से अंसतुष्ट होकर द ग्रेन एंड सीड्स मर्चेेंट एसोसिएशन द्वारा उक्त ज्ञापन की प्रतिलिपी विधायक चेतन्य काश्यप, विधायक दिलीप मकवाना सहित मंडी बोर्ड के अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
मंडी सचिव औने पौने दाम में बिकवा रहे है किसान की उपज : सुरेंद्र चत्तर व्यापारी संघ अध्यक्ष
