• Thu. Aug 6th, 2026

कोरोना से निपटने का तरीका ऐसा हो, सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे

BySurendra Jain

Mar 19, 2020

खबर पक्की: कोरोना वायरस के खतरे के चलते बड़ी फैक्ट्री वालों ने तो 50% स्टाफ से काम चलाने का फैसला किया है किंतु जो छोटी और कॉटेज इंडस्ट्री है जिनमें पांच 10 से 15 लोग काम करते हैं अगर वह अपने उद्योग को बंद करते हैं तो इन के कर्मचारियों को खाने पीने की व्यवस्था के लाले पड़ जाएंगे और और देश की जीडीपी मैं रोजगार में भारी गिरावट होगी सो अलग। इसका बेहतर उपाय यह है की जिला और तहसील स्तर पर ऐसे उद्योगपतियों और व्यवसायियों को बुलाया जाए और इनके मीटिंग लेकर इनके कार्यरत कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ही रहने खाने और ठहरने की व्यवस्था की जाए साथ ही उद्योगपतियों के द्वारा कार्यरत कर्मचारियों के परिवार के खाद्य सुरक्षा के लिए महीने भर का राशन इनके घर डलवाया जाए इससे जहां उत्पादन को निरंतरता मिलेगी वही कर्मचारियों को उनके कार्य के बदले में मिलने वाला पैसा भी बदस्तूर मिलता रहेगा इससे लाखों-करोड़ों छोटे कर्मचारियों को परिवार की चिंता से मुक्ति मिलेगी वही कार्य स्थल पर ही रहने खाने पीने की वजह से कोरोनावायरस का इफेक्ट भी इन पर नहीं होगा और सरकार को मिलने वाले सारे कर राजस्व वगैरह निर्माण की भी हानि नहीं होगी। कोरोना से निपटने के लिए ताइवान और कोरिया ने जो तरीका अपनाया है वही तरीका भारत को भी आजमाना चाहिए बगैर देश को रोके अधिक से अधिक जांच और उन जांच के परिणामों को सार्वजनिक करते हुए कोरोना के संपर्क में आए लोगों को सावधान करना ही इससे बड़ी सुरक्षा है काम बंद करने या लॉक डाउन करने से कोरोना नहीं रुकने वाला न हीं भाषण बाजी या जबानी जमा खर्च से कोरोना रुकने वाला इसके लिए बेहतर विचार बेहतर प्रबंधन और बेहतर उपचार ही इसको रोकने का एक तरीका है जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

You missed

error: Content is protected !!