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कोरोना वायरस: रेलवे को 12 दिनों में हुआ 85 करोड़ का नुकसान, 12 लाख यात्रियों ने रद्द किए टिकट

BySurendra Jain

Mar 14, 2020

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस के मामलों में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक देश में कोरोना वायरस के 84 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं इस जानलेवा वायरस से दो लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना का असर अर्थव्यस्था के हर एक विभाग पर देखने को मिल रहा है।
कोरोना वायरस के चलते सभी यातायात साधनों में यात्रियों की कमी देखी जा रही है, फिर चाहे वो रेल यातायात हो या बस। लोगों में कोरोना वायरस का डर इस कदर बढ़ रहा है कि वह रेल टिकटों को रद्द करा रहे हैं और बसों, मेट्रो जैसे सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग करने से बच रहे है।
दिल्ली यात्री आरक्षण प्रणाली से मिले आंकड़ों के मुताबिक, एक से 12 मार्च के बीच, 12.29 लाख यात्रियों ने रेल यात्रा रद्द की है। टिकटों के रद्द होने से रेलवे को 85.03 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
वहीं, मार्च में इस अवधि में 7.25 लाख लोगों ने टिकट रद्द करवाए थे। अगर फरवरी और मार्च महीने के टिकट रद्द कराने की तुलना की जाए तो पता चलता है कि मार्च महीने में रेलवे के 5.04 लाख यात्री घटे हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि अगर इसी तरह चलता रहा तो रेलवे के नुकसान में बढ़ोतरी हो सकती है।
ऐसा नहीं है कि रेल बुकिंग में गिरावट केवल रेलवे काउंटरों और ऑनलाइन माध्यमों में हुई है। भारतीय रेलवे द्वारा चलाए जाने वाले पांच पीआरएसओं में भी गिरावट देखी जा सकती है। भारतीय रेलवे में दिल्ली, मुंबई, सिकंदराबाद, गोवाहटी, कोलकता पांच यात्री आरक्षण प्रणाली यात्री (पीआरएस) हैं। इन पीआरएस से कहीं की भी टिकट बुक की जा सकती है। भारतीय रेलवे रोजाना 20 हजार ट्रेन चलाता है। रेलवे का सालाना राजस्व 1.97 लाख करोड़ है। मगर अब इसमें कमी आने की आशंका है।
दूसरी ओर, घाटे को देखते हुए रेलवे ने भी सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं। रेल वार्डों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों से भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।

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